
जनता और कानून की रखवाली करने के लिए पुलिस की वर्दी दी जाती है लेकिन जब इस वर्दी के साथ अन्याय हो और इसे सिर्फ चापलूसी और भ्रष्टाचार करते हुए देखा जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। कानपुर वायरल वीडियो में पुलिस की वर्दी को लेकर एक सवाल उठाया है जहां कथित तौर पर एसडीएम साहब के ड्राइवर का पैर दबाते हुए उनके सिपाही नजर आ रहे हैं। कानपुर वायरल वीडियो को लेकर बात इतनी बिगड़ गई जिस पर पुलिस कमिश्नर को खुद सफाई देनी पड़ी है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला जहां जनता का गुस्सा फूट चुका है और एसडीएम के ड्राइवर की रंगबाजी विवादों में है।
क्यों विवादों में आए एसडीएम साहब के ड्राइवर और सिपाही
कानपुर वायरल वीडियो की बात करें तो इसे @SantaniSubhajit x चैनल से शेयर करते हुए बताया गया कि आजकल ड्राइवर को भी इतना इज्जत सम्मान बढ़ गया है कि पुलिस वाले भी ड्राइवर का पैर दबाने लग गए हैं। वह भी वर्दी पहन कर क्या पुलिस की वर्दी का यह सम्मान होता है जिसे पहनकर एसडीएम के ड्राइवर का पैर दबाया जा सकता है। क्या सिपाही पैर दबाने के लिए नौकरी करता है। एसडीएम का ड्राइवर बेड पर लेटा हुआ अपने घर की कहानी सुना रहा है और सिपाही उसका पैर दबा रहा है।
Kanpur Viral Video को लेकर पुलिस कमिश्नर ने दिया जवाब
वहीं कानपुर वायरल वीडियो पर उठ रहे तीखे सवाल का जवाब देते हुए पुलिस कमिश्नर ने इसका जवाब दिया और कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया। वीडियो में प्रदर्शित दोनों व्यक्ति होमगार्ड हैं। प्रकरण की जांच जिला कमांडेंट होमगार्ड कानपुर नगर द्वारा की जा रही है। जांचोंपरांत तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां एक यूजर ने कहा, “अभी भी समाज में गुलामी जिंदा है।” एक यूजर ने लिखा, “यह दोनों होमगार्ड है।” एक ने कहा यह वर्दी का अपमान है।
हालांकि वायरल वीडियो को लेकर जांच जारी है जिस पर 194000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। Satya repost किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।



