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गुजरात​​​ के इस कुएं में बिना किसी हलचल के उठने लगीं लहरें, देखने उमड़ी भीड़; जांच में सामने आई चौंकाने वाली वजह

गुजरात​​​ के इस कुएं में बिना किसी हलचल के उठने लगीं लहरें, देखने उमड़ी भीड़; जांच में सामने आई चौंकाने वाली वजह

मोरबी, गुजरात: गुजरात के मोरबी जिले के एक गांव में खेत के अंदर बने कुएं का पानी अचानक अजीब तरीके से हिलने लगा। पानी की सतह पर लगातार लहरें उठती दिखाई दीं। हैरानी की बात यह थी कि आसपास कोई ऐसी हलचल नजर नहीं आ रही थी, जिससे पानी में इतनी तेज गति पैदा हो। यह नजारा देखकर गांव के लोग हैरान रह गए और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचने लगे।

यह मामला मोरबी तालुका के वीरपार्दा गांव का है। कुएं में पानी की लगातार हलचल की खबर सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों को आशंका हुई कि कहीं इसके पीछे भूकंपीय गतिविधि तो नहीं है। हालांकि, शुरुआती जांच में अधिकारियों ने भूकंप जैसी किसी गतिविधि से इसका संबंध नहीं पाया।

करीब तीन महीने पहले बनाया गया था कुआं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कुआं किसान प्राणजीवनभाई सरडिया के खेत में बना है। इसका निर्माण मानसून से करीब तीन महीने पहले कराया गया था। अच्छी बारिश के बाद कुआं पानी से भर गया था।

किसान ने बताया कि उन्हें 2 अगस्त को पहली बार पानी में असामान्य हलचल दिखाई दी। कुएं का पानी लगातार लहरों की तरह हिल रहा था और कुछ समय पर पानी किनारे से बाहर तक छलकने लगा। मंगलवार को कुछ देर के लिए हलचल कम हुई, लेकिन बुधवार शाम को पानी फिर से उसी तरह हिलने लगा।

इस अनोखे नजारे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग कुएं को देखने पहुंचने लगे। सड़क से गुजरने वाले यात्री भी वहां रुककर पानी की हलचल देखने लगे।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

मामले की जानकारी मिलने के बाद मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने तकनीकी जांच के निर्देश दिए। जिला भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती निरीक्षण किया।

जिला भूवैज्ञानिक जे. एस. वाधेर के शुरुआती आकलन के मुताबिक, भारी बारिश के बाद जमीन के भीतर भूजल का स्तर बढ़ने से चट्टानों की दरारों और छोटे छिद्रों में फंसी हवा बाहर निकल सकती है। इसी प्रक्रिया के कारण कुएं के पानी में लगातार हलचल और लहरें पैदा होने की आशंका जताई गई।

क्या भूकंप आने का संकेत था पानी का हिलना?

कुएं में लगातार उठती लहरों को देखकर कुछ लोगों ने इसे भूकंप या जमीन के भीतर किसी हलचल से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था। प्रशासन ने इस आशंका की भी जांच कराई।

अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित विभागों से जानकारी लेने पर मोरबी जिले में उस अवधि के दौरान कोई भूकंप या ऐसी भूकंपीय गतिविधि दर्ज नहीं हुई, जो कुएं में पानी की हलचल की वजह बनती। शुरुआती जांच में इलाके में किसी सक्रिय भूगर्भीय हलचल का संकेत भी नहीं मिला।

अंतिम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी वजह

जिला प्रशासन ने गुजरात के भूजल अनुसंधान संस्थान और संबंधित विशेषज्ञों से कुएं की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों को जमीन की संरचना, भूजल की स्थिति और पानी में हलचल पैदा करने वाले संभावित कारणों का अध्ययन करना था।

7 अगस्त 2026 को सामने आई पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गांधीनगर से पहुंची राज्य जल डेटा केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने भी कुएं का निरीक्षण किया। शुरुआती आकलन में भारी बारिश के बाद भूजल के दोबारा भरने और जमीन के भीतर फंसी हवा के दबाव को पानी में उठती लहरों की संभावित वजह बताया गया। अधिकारियों ने भूकंपीय गतिविधि की आशंका को खारिज किया।

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि प्रकृति में होने वाली कुछ असामान्य घटनाएं पहली नजर में रहस्यमयी लग सकती हैं, लेकिन उनके पीछे भूगर्भीय और प्राकृतिक प्रक्रियाएं हो सकती हैं।

— Satya Report

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