
फरीदाबाद: हरियाणा के बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी में संपत्ति विवाद को लेकर ससुर की हत्या के मामले में अदालत ने बहू और उसके प्रेमी को दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बहू अपने ससुर की संपत्ति अपने नाम करवाना चाहती थी। इसी लालच में उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोप है कि पहले ससुर को खाने में नींद की गोलियां दी गईं और फिर घर बुलाए गए प्रेमी ने उन्हें गोली मार दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.पी. सिंह की अदालत अब 21 अक्टूबर को दोनों को सजा सुनाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी ठहराए गए दोनों लोग फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
परिवार में संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद
अदालत में पेश मामले के अनुसार, फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी भरत सिंह भाटी के दो बेटे थे, जिनके नाम सूरज और विनोद बताए गए हैं। विनोद उनका सौतेला बेटा था। सूरज की 20 जनवरी 2021 को ट्रेन से कटने के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद सूरज की पत्नी अपने बेटे और बेटी को लेकर मायके चली गई।
बताया गया कि परिवार की संपत्ति भरत सिंह के नाम पर थी। इसी बीच विनोद की पत्नी गीता अपने ससुर पर पूरी संपत्ति उसके नाम करने का दबाव बना रही थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि संपत्ति हासिल करने के लिए गीता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ससुर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
खाने में नींद की गोलियां मिलाने का आरोप
मामले के मुताबिक, 20 जनवरी 2022 की रात गीता ने कथित तौर पर खाने में नींद की गोलियां मिलाकर अपने ससुर भरत सिंह को खिला दीं। इसके बाद उसने अपने प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी को घर बुलाया।
आरोप है कि घर पहुंचने के बाद सैंडी ने भरत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के पीछे संपत्ति हासिल करने की मंशा होने का दावा अभियोजन पक्ष ने अदालत में किया।
प्रेमी के खिलाफ पहले से दर्ज थे मामले
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, गीता के प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी का संबंध गुरुग्राम से बताया गया है। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि गीता ने उसकी जमानत करवाने में मदद की थी।
हालांकि, मामले में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों का आकलन अदालत ने किया, जिसके बाद बहू और उसके प्रेमी को दोषी करार दिया गया।
21 अक्टूबर को सुनाई जाएगी सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.पी. सिंह की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया है। अब 21 अक्टूबर को सजा पर फैसला सुनाया जाना है। इस फैसले के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण सजा का निर्धारण होगा।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। सजा से संबंधित अंतिम निर्णय अदालत के आदेश के अनुसार होगा।



