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दिल्ली: 15 साल तक नाम और ठिकाना बदलकर छिपा रहा आरोपी, एक छोटी सी जानकारी ने पहुंचा दिया पुलिस तक

दिल्ली: 15 साल तक नाम और ठिकाना बदलकर छिपा रहा आरोपी, एक छोटी सी जानकारी ने पहुंचा दिया पुलिस तक

नई दिल्ली: दिल्ली में अपराध की एक पुरानी वारदात का आरोपी करीब 15 साल तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना नाम तक बदल लिया और कई शहरों में ठिकाने बदलता रहा। लेकिन लंबे समय तक पहचान छिपाकर रहने के बाद आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उस पर घोषित 20 हजार रुपये के इनाम के बीच उसे गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकना (52) के रूप में हुई है। उसने अपनी पहचान बदलकर दिलबाग सिंह रख ली थी। साल 2011 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके पुराने मामलों और फरार रहने के दौरान की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

कई शहर बदले, फिर दिल्ली में करने लगा नौकरी

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले कोलकाता गया और वहां करीब एक साल तक रहा। इसके बाद वह बरेली चला गया। साल 2017 में दिल्ली लौटने के बाद उसने रोहिणी में रहना शुरू कर दिया।

पहचान छिपाकर वह सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह मायापुरी इलाके की एक फैक्ट्री में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी और लगातार की गई जांच के आधार पर उसका पता लगाया। इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को उसे रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया गया।

सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति से हुई थी वारदात

यह मामला 11 मई 2011 का है। उस दिन दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र के मानसरोवर गार्डन में सचिन अरोड़ा सुबह की सैर पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनकी सोने की चेन झपट ली।

पुलिस के मुताबिक, सचिन ने जब इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। वारदात के बाद भागते समय आरोपियों ने चाकू की नोक पर एक अन्य व्यक्ति की कार भी लूट ली थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

इस मामले में सुरेश कुमार को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, जबकि उमेश और सुमित को बाद में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकना पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। लंबे समय तक उसका पता नहीं चलने के बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

जुए की लत और पुराने मामलों की भी जांच

पुलिस के अनुसार, आरोपी को जुआ खेलने की लत है और उसके खिलाफ जुआ अधिनियम तथा मारपीट से जुड़े छह पुराने मामले भी दर्ज हैं। पुलिस का आरोप है कि वह जुए के खर्चों को पूरा करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में शामिल हुआ और अपने साथियों के साथ चेन झपटने तथा लूट की वारदातों को अंजाम देता था।

फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरार रहने के दौरान वह किन गतिविधियों में शामिल रहा और क्या उसका किसी अन्य आपराधिक मामले से भी संबंध है।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी से जुड़े आरोपों और अन्य संभावित मामलों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

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