देश की राजधानी दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. इसके तहत भारत सरकार की पीएम ईड्राइव स्कीम के अंतर्गत पूरी तरह से इलेक्ट्रिक 2800 एयरकंडीशन्ड लोफ्लोर बसों को डीटीसी के बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई गई है.

इस प्रस्तावित फ्लीट में 1400 नौमीटर और 1400 बारहमीटर वाली इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. इस पहल से पूरे दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुंच बेहतर होगी और ‘लास्टमाइल कनेक्टिविटी’ को भी मजबूती मिलेगी. खासकर दिल्ली के उन इलाकों में जहां अभी सुविधाएं कम हैं या फिर जो शहर के बाहरी इलाके में स्थित हैं.
दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को राजधानी में पहले से चल रही नौमीटर वाली इलेक्ट्रिक बसों के प्रदर्शन के बेहद सकारात्मक नतीजे दिखाई दिए हैं, खासकर ये बसें लोकल और फीडर ट्रांसपोर्ट की जरूरतों को पूरा करने में बेहद प्रभावी साबित हुई हैं.
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेगा DTC
इसी अनुभव के आधार पर नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने का उद्देश्य एक ऐसा संतुलित बेड़ा बनाना है, जो ज्यादा भीड़भाड़ वाले रास्तों और आसपास के इलाकों की फीडर कनेक्टिविटी की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करेगा.
यह पहल दिल्ली सरकार के उस बड़े विजन का हिस्सा है, जिसका मकसद पूरे शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए डीटीसी की बसों की संख्या बढ़ाना और जीरोएमिशन आधारित ट्रांसपोर्ट संसाधनों की हिस्सेदारी को भी बढ़ावा देना है. अपनी लंबी अवधि की इस रणनीति के तहत दिल्ली सरकार का लक्ष्य वर्ष 202829 तक दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों की कुल संख्या को बढ़ाकर लगभग 14000 बसों तक पहुंचाना है, ताकि पूरी दिल्ली में यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, ज़्यादा सर्विस कवरेज और अधिक सुविधाजनक परिवहन की सेवा सुनिश्चित की जा सके.
फिलहाल दिल्ली में लगभग 4300 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जो इसे देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस फ्लीट में से एक बनाती हैं. दिल्ली सरकार का लक्ष्य इस साल के आखिर तक इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 7500 इलेक्ट्रिक बसों तक पहुंचाना है, जिससे स्वच्छ और सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और अधिक मजबूती मिलेगी.
रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा ट्रांसपोर्ट प्लान
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि विस्तार के अगले चरण में दिल्ली सरकार पीएम ई ड्राइव फेजII के तहत 3330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है. इनमें 500 बसें सात मीटर लंबाई वाली ऐसी इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं, जो फीडर सेवाओं और ‘लास्टमाइल कनेक्टिविटी’ को और अधिक मजबूत करने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगी. इससे बस नेटवर्क और भी बेहतर होगा और साथ ही रिहायशी, ग्रामीण और उन इलाकों में भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुंच आसान होगी जहां अभी इसकी सुविधाएं कम है.
दिल्ली सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार ऐसे उपाय कर रही है जिसका मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना, यात्रियों के अनुभव को और बेहतर करना और पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट के तरीकों को लगातार बढ़ावा देना है. इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के साथसाथ बस डिपो पर जरूरी चार्जिंग और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर बसों के बेड़े को इलेक्ट्रिक किया जा सके.
दिल्ली सरकार के इस पहल से गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, वायु की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और लोगों को साफ, सुरक्षित और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में लगातार निवेश के ज़रिए दिल्ली सरकार राष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के अनुरूप भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक, पर्यावरणअनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है.



