नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बुधवार को 200 नई शून्य उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को दिल्लीवासियों के लिए सड़कों पर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान दिल्लीकरनाल अंतरराज्यीय ईबस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। यह दिल्ली से हरियाणा के प्रमुख शहरों को स्वच्छ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम में लेडीज स्पेशल बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। साथ ही, डीटीसी राजघाट डिपो1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन को भी शुरू किया गया। यह दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते नेटवर्क को आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, विधायक श्री सूर्य प्रकाश खत्री सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
200 नई ईवी बसों के साथ इलेक्ट्रिक बेड़ा 5,000 के पार
नई 200 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 88 ईवी 12मीटर बसें और 112 देवी ईवी बसें शामिल हैं। इन बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा 5,000 के पार पहुंच गया है। नई ईवी बसें लोफ्लोर और एयरकंडीशंड हैं। दिल्ली ने देश में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े वाले शहर के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत की है। सरकार की व्यापक योजना के अंतर्गत डीटीसी की सभी बसों को ईवी में परिवर्तित कर दिल्ली के बस बेड़े को वित्त वर्ष 202829 तक लगभग 14,000 बसों तक विस्तारित करना है।
दिल्लीकरनाल के बीच नई ईबस कनेक्टिविटी
दिल्लीकरनाल अंतरराज्यीय ईबस सेवा का शुभारंभ दिल्ली से हरियाणा के प्रमुख शहरों को स्वच्छ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस मार्ग पर पांच इलेक्ट्रिक और एयरकंडीशंड बसें संचालित होंगी और दोनों दिशाओं में प्रतिदिन कुल 1010 यात्राएं निर्धारित की गई हैं। इस सेवा का कश्मीरी गेट से करनाल तक लगभग 212 रुपये का किफायती किराया निर्धारित किया गया है। मार्ग में सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
महिलाओं के लिए सुरक्षित और समर्पित ईबस सेवा
लेडीज स्पेशल बस सेवा की शुरुआत के तहत राजधानी में 56 समर्पित महिला ईबस सेवाएं शुरू की जा रही हैं, जिनमें 15 हाई डिमांड वाले मार्गों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 मार्गों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। ये सेवा कामकाजी महिलाओं और छात्राओं की यात्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुबह और शाम के व्यस्त समय में संचालित की जाएंगी।
इन बस सेवाओं के माध्यम से नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आर.के. पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख रोजगार, शैक्षणिक और संस्थागत केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं, यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल सेवाओं के माध्यम से हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, एलएसआर, गार्गी कॉलेज, एआरएसडी, हंसराज कॉलेज सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के कई प्रमुख संस्थानों तक छात्राओं की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
राजघाट डिपो1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ
डीटीसी राजघाट डिपो1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। इस चार्जिंग स्टेशन पर 240 किलोवाट क्षमता के 4 ईवी चार्जर लगाए गए हैं, जो इलेक्ट्रिक बसों सहित भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रिक कारों की चार्जिंग में सक्षम होंगे। स्टेशन को 1600 केवीए कॉम्पैक्ट सबस्टेशन के साथ विकसित किया गया है, जिससे चार्जिंग सुविधा के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता, लेडीज स्पेशल बसों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
उपराज्यपाल ने 3 जून 2026 और 16 जून 2026 को महिला सुरक्षा को लेकर आयोजित व्यापक समीक्षा बैठकों में पुलिस आयुक्त और परिवहन सचिव के साथ चर्चा के दौरान डीटीसी को चिन्हित मार्गों पर विशेष ‘लेडीज ओनली’ बसें संचालित करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत महिला यात्रियों की संख्या अधिक रहने वाले और संवेदनशील मार्गों पर लेडीज स्पेशल बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की गई है तथा बसों का संचालन महिला स्टाफ द्वारा किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से सीधे एकीकृत करने के निर्देश भी दिए थे। आज पैनिक बटन से लैस इन बसों को रवाना किए जाने के साथ ही ये सभी निर्देश प्रभावी रूप से लागू हो गए हैं। इस एकीकृत व्यवस्था से किसी आपात स्थिति में अलर्ट तेजी से 112 पीसीआर सिस्टम तक पहुंच सकेगा, जिससे महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए अधिक तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।
विकसित भारत के लक्ष्य में दिल्ली की है महत्वपूर्ण भूमिका
इस अवसर पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘शक्ति की सप्तधारा’ के माध्यम से विकसित और आत्मनिर्भर भारत की विकास यात्रा का व्यापक दृष्टिकोण देश के सामने रखा है। इस दृष्टिकोण में विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर अवसर, मजबूत क्षमताओं, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी इसके महत्वपूर्ण आयाम हैं।
उन्होंने कहा कि ‘गति शक्ति’ इस विजन का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिसके अंतर्गत बेहतर गतिशीलता, मजबूत कनेक्टिविटी और ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देना आवश्यक है। दिल्ली में आज 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ और राजघाट डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये पहल राजधानी में स्वच्छ, हरित और सस्टेनेबल सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के साथसाथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होंगी।
स्वच्छ, आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की ओर दिल्ली
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का विजन ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र तैयार करना है जो पर्यावरण की रक्षा के साथसाथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे। इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, अंतरराज्यीय ईबस कनेक्टिविटी, महिलाओं के लिए समर्पित बस सेवाएं और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ये सभी पहल एक ऐसे दिल्ली के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते कदम हैं, जहां सार्वजनिक परिवहन स्वच्छ, स्मार्ट और हर नागरिक की पहली पसंद बनेगी।
उन्होंने विशेष रूप से लेडीज स्पेशल बस सेवा को छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुविधाजनक यात्रा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समर्पित सेवाओं में महिला कंडक्टरों के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं को उनके कॉलेजों और प्रमुख आवासीय क्षेत्रों के बीच सुरक्षित एवं आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में लगातार इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं। फरवरी में 500, मार्च में 300, अप्रैल में 200 और जुलाई में 300 नई ईवी बसें शामिल की गईं तथा आज 200 और नई इलेक्ट्रिक बसों को दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित किया गया। इसके बाद दिल्ली में 5000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और कुल बस बेड़ा लगभग 6,800 तक पहुंच गया है। इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों की जीवन गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रस्तुत ‘शक्ति की सप्तधारा’ के विजन को दिल्ली सबसे पहले अपनाते हुए विकास, स्वच्छता, हरित परिवहन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधु जी के मार्गदर्शन और दिल्लीवासियों की सक्रिय भागीदारी से दिल्ली को क्लीन, ग्रीन और विकसित दिल्ली बनाने का संकल्प निरंतर मजबूत होगा।
14,000 तक लेकर जाएंगे बसों की संख्या: परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को यह लेडीज स्पेशल बस सेवा एक विशेष उपहार है। यह पहल महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। इन सभी पहलों के माध्यम से हम दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरणअनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज आने वाले वर्षों में दिल्ली के बस बेड़े को 202829 तक लगभग 14,000 बसों तक विस्तारित करने का लक्ष्य है ताकि दिल्ली के हर हिस्से और आसपास के क्षेत्रों तक बेहतर, विश्वसनीय और पर्यावरणअनुकूल सार्वजनिक परिवहन पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने डीटीसी और उसके कर्मचारियों की के कल्याण पर कभी ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकार ने डीटीसी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इस वर्ष डीटीसी को प्रॉफिट में लाने में सफलता मिली है।



