Deoria News: देवरिया जिले में सड़क के ब्रेकर को लेकर हुए विवाद में RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की पीटपीटकर हत्या कर दी गई. घटना लार थाना क्षेत्र के भीकम छपरा गांव की है. गांव के ही संजय तिवारी, दीपक तिवारी समेत करीब आधा दर्जन लोगों ने रामेश्वर तिवारी पर लाठीडंडों, रॉड और हथौड़ी से हमला किया. गंभीर रूप से घायल रामेश्वर की मौत हो गई. घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 टीमें गठित की हैं. वहीं पूर्व में रामेश्वर तिवारी के पिता और उनके ड्राइवर की भी हत्या हुई थी. अब रामेश्वर की हत्या के बाद परिवार सुरक्षा को लेकर चिंतित है.

ब्रेकर को लेकर शुरू हुआ था विवाद
बताया गया कि रामेश्वर तिवारी के घर के पास हाल ही में सड़क का निर्माण हुआ था. सड़क पर एक ब्रेकर बनाया गया था. इसी ब्रेकर को लेकर गुरुवार रात गांव के संजय तिवारी और दीपक तिवारी से विवाद हो गया. परिजनों का आरोप है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से पुरानी रंजिश चली आ रही थी. विवाद के दौरान आरोपियों ने ब्रेकर तोड़ने की कोशिश की. रामेश्वर तिवारी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया. आरोप है कि लाठीडंडों, लोहे की रॉड और हथौड़ी से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई. हमले में उनकी मौत हो गई.
DIG ने गांव पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलने के बाद गोरखपुर रेंज के DIG एस. चिनप्पा शुक्रवार को भीकम छपरा गांव पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. DIG ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया है. उन्होंने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया. DIG ने पुलिस की लापरवाही के सवाल पर कहा कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
अगस्त में मिली थी जान से मारने की धमकी
मृतक के परिजनों का आरोप है कि आरोपी पक्ष से अगस्त महीने में भी विवाद हुआ था. उस दौरान रामेश्वर तिवारी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी. परिवार का कहना है कि इस मामले में थाने में शिकायत भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की. परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी थी कि फरवरी से पहले पितापुत्र दोनों को मार दिया जाएगा. परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस ने उस समय शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो रामेश्वर तिवारी की जान बच सकती थी.
नवंबर में होनी थी बेटे की शादी
रामेश्वर तिवारी के इकलौते बेटे की शादी नवंबर में तय है. रिश्ता सिद्धार्थनगर जिले के एक परिवार में तय हुआ है. घटना की जानकारी के बाद लड़की का भाई भी भीकम छपरा गांव पहुंचा. उसने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उसका कहना है कि रामेश्वर तिवारी के परिवार में पहले भी हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं. पूर्व में रामेश्वर तिवारी के पिता और उनके ड्राइवर की हत्या हुई थी. अब रामेश्वर तिवारी की हत्या हो गई.
ऐसे में उन्हें डर है कि रामेश्वर के बेटे को भी खतरा हो सकता है. उसने परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है. लड़की के भाई ने यह भी कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की बात कही जा रही है, उनकी कार्रवाई का लिखित प्रमाण परिवार को दिया जाए. साथ ही रामेश्वर तिवारी के बेटे को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
गांव में पुलिस तैनात, आरोपियों की तलाश जारी
हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस की 5 टीमें नामजद और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं. वहीं, परिजन लगातार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं. पूर्व में दी गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.



