मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबर से उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा में मायूसी का माहौल है। कल्याण बिगहा के ग्रामीणों का कहना है कि बिहार को फिर ऐसा सीएम नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पार्टी के अंदर बैठे विभीषण के कारण नीतीश कुमार को पद छोड़ना पड़ा।

2005 से पहले की परिस्थितियों से तुलना
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। गांव के नवीन कुमार और अवधेश कुमार बताते हैं कि उस दौर में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था न ठीक सड़कें थीं, न स्वास्थ्य व्यवस्था और न ही शिक्षा का ढांचा मजबूत था। उनका कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में गांव-गांव तक सड़क, बिजली और नल-जल जैसी योजनाएं पहुंचीं, जिससे जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया

