
क्या आप भी कब्ज से परेशान रहते हैं और पेट साफ करने के लिए और कब्ज (Constipation) से तुरंत राहत पाने के लिए हर सुबह लैक्सेटिव या गोलियों का सहारा लेते हैं? गैस्ट्रोएंट्रोलोजिस्ट के मुताबिक लंबे समय तक इन दवाइयों पर निर्भर रहना आपकी आंतों की कार्यप्रणाली को कमजोर बना सकता है। पाचन तंत्र को स्वस्थ और पेट को नेचुरल तरीके से साफ करने के लिए दवाइयों से ज्यादा आपकी डाइट और लाइफस्टाइल मायने रखता है। डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित योग जैसे छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव न केवल कब्ज की समस्या को जड़ से दूर कर सकते हैं, बल्कि आपकी आंतों की सेहत (Gut Health) को भी मजबूत बनाते हैं।
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक कब्ज आजकल एक आम समस्या बन गई है। कई लोग सुबह पेट साफ न होने पर तुरंत हर्बल चाय, अरंडी का तेल या दूसरी लैक्सेटिव दवाओं का सहारा लेने लगते हैं जिसके सेहत पर साइड इफेक्ट होते हैं। एक्सपर्ट ने बताया कब्ज से राहत पाने के लिए सबसे पहले रोज की दिनचर्या, खानपान, पानी और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ लोगों में नियमित रूप से फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त पानी और हल्की एक्सरसाइज करने से मल त्याग को नियमित रखने में मदद मिल सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी 5 आदतें है जो कब्ज का इलाज कर सकती है और पाचन को दुरुस्त कर सकती हैं।
सुबह की शुरुआत करें पानी से
हंसा जी योगेंद्र ने बताया अगर आप कब्ज से परेशान रहते हैं तो आप सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। रात भर सोने के बाद सुबह पानी का सेवन बॉडी को हाइड्रेट करता है और पाचन को दुरुस्त करता है। पानी पीने के बाद आप हल्की पेट की एक्सरसाइज या मूवमेंट कर सकते हैं। सुबह शौचालय जाने के लिए नियमित समय तय करना भी कब्ज से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। अगर तुरंत मल त्याग न हो तो ज्यादा जोर न लगाएं। शरीर को धीरे-धीरे नियमित रूटीन की आदत डालने की कोशिश करें।
खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं
कब्ज से बचाव के लिए डाइट में पर्याप्त फाइबर लेना बेहद जरूरी है। रोज करीब 25-30 ग्राम फाइबर का सेवन करें। हालांकि फाइबर का सेवन व्यक्ति की उम्र, लिंग और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है। फाइबर के लिए आप खाने में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और फलों का सेवन करें। नाश्ते में वेजिटेबल ओट्स या दलिया, वेजिटेबल पोहा, इडली-सांभर या सब्जियों से बना बेसन या मूंग दाल के चीला का सेवन करें। मूंग, मसूर, चना, राजमा और हरी मटर जैसी दालें और फलियां भी फाइबर के स्रोत हैं। इसके अलावा गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस और मिलेट्स को डाइट में शामिल करें कब्ज से बचाव में मददगार साबित होंगे।
कब्ज से परेशान हैं तो रोज एक फल खाएं
अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो रोजाना एक फल का सेवन करें। फलों में आप पपीता, अमरूद, नाशपाती, अंजीर, कीवी और प्रून जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। साथ ही थोड़ी मात्रा में नट्स, बीज और सूखे मेवे भी डाइट में शामिल करें।
मुनक्का और अंजीर का करें सेवन
अगर आप कब्ज से परेशान रहते हैं तो रोज मुनक्का और अंजीर का सेवन सुबह खाली पेट करें। रात भर भिगोए हुए 8-10 काली किशमिश या मुनक्का सुबह खाएं। दो सूखे अंजीर सुबह खाने से फायदा होता है। ध्यान रखें कि फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का भी सेवन करें। फाइबर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है, इसलिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर है।
त्रिफला और इसबगोल का करें सेवन
कब्ज से राहत पाना चाहते हैं तो आप त्रिफला और इसबगोल का सेवन करें। त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवला से तैयार किया जाता है और आयुर्वेद में इसे पाचन तथा मल त्याग को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुछ दिनों तक त्रिफला या इसबगोल खाने से आपको कब्ज से राहत मिल सकती है। इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है। यह पानी को सोखकर मल को नरम और भारी बनाने में मदद कर सकता है। इसका सेवन पर्याप्त पानी के साथ करना जरूरी है।
अरंडी के तेल का करें सेवन
कब्ज को दूर करने के लिए आप अरंडी के तेल का सेवन करें। अरंडी का तेल यानी Castor oil दूसरे उपायों से अलग है। यह एक stimulant laxative है और मल त्याग करा सकता है, लेकिन इससे पेट में ऐंठन, मितली या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है इसलिए रोजाना इसका सेवन नहीं करें।
कब्ज में मदद कर सकते हैं ये योगासन
पाचन और पेट की गतिविधियों को सपोर्ट करने के लिए कुछ हल्के योग अभ्यास भी आपकी मदद कर सकते हैं। योगा एक्सपर्ट ने बताया आप कब्ज को दूर करने के लिए रोजाना मार्जरी आसन-बितिलासन (Cat-Cow Pose), पवनमुक्तासन, हल्का स्पाइनल ट्विस्ट, पेट से गहरी सांस लेने का अभ्यास, शवासन और निस्पंद भाव करने से आपको राहत मिल सकती है। इन अभ्यासों को अपनी क्षमता के अनुसार आराम से करना चाहिए और किसी भी आसन में दर्द या असहजता होने पर उसे रोक देना चाहिए। भोजन के बाद हल्की वॉक करना भी रोज की शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।
बार-बार कब्ज हो तो वजह समझना जरूरी
अगर अच्छी डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि के बावजूद कब्ज बार-बार हो रही है तो केवल घरेलू नुस्खे बदलते रहने के बजाय आप कब्ज के कारण का पता लगाएं। कुछ दवाएं, शरीर में पानी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी कब्ज में योगदान दे सकती हैं। तनाव और चिंता भी कुछ लोगों में पाचन संबंधी समस्याओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए पर्याप्त आराम, नियमित नींद, हल्की एक्सरसाइज और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को अपनी डेली लाइफ में शामिल करें आपको फायदा होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। कब्ज लंबे समय तक रहने, बार-बार होने या गंभीर लक्षणों के साथ होने पर डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी आयुर्वेदिक उपाय, सप्लीमेंट या लैक्सेटिव का नियमित इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।



