गर्मी के मौसम में AC यानी एयर कंडीशनर लगभग हर घर की जरूरत बन गया है। अप्रैल से सितंबर तक पूरे भारत में जिस तरह की गर्मी पड़ती है, बिना एसी के गुजारा करना मुश्किल होता है। हालांकि, गर्मी से राहत देने वाला यह एसी कभीकभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। आपकी कुछ गलतियां घर में लगे एसी को बम के गोले में तब्दील कर सकती हैं। राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में भीषण अग्निगांड हुआ है, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे की मुख्य वजह एसी में ब्लास्ट होना बताया जा रहा है।

AC में क्यों लगती है आग?
AC यानी एयर कंडीशनर एक हैवी इलेक्ट्रिकल लोड पर चलने वाला उपकरण है, जिसकी वजह से इसे यूज करने में ज्यादा बिजली की जरूरत होती है। इसके रखरखाव में अगर आपने ढ़िलाई बरती तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। एसी मुख्यतः तीन वजहों से ब्लास्ट हो सकते हैं, जिनमें किसी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट, ओवरहीटिंग या गैस की लीकेज शामिल हैं। लोमेंटेनेंस या समय पर सर्विसिंग न कराने की वजह से भी एसी में आग लग सकता है।
हैली इलेक्ट्रिल लोड होने की वजह से इसकी वायरिंग भी पुख्ता होनी चाहिए। लूज वायरिंग की वजह से स्पार्किंग की समस्या आ सकती है और इसमें आग लगने की संभावना है। वहीं, अगर समयसमय पर एसी की सर्विसिंग नहीं कराने पर इसके कूलिंग क्वॉइल में गंदगी जमा हो सकती है। यह ओवरहीटिंग की समस्या पैदा कर सकती है और एसी में आग लग सकती है। इसके अलावा एसी के कूलिंग पाइप में लीकेज की वजह से आग लगने की समस्या पैदा हो सकती है। एसी में इस्तेमाल किया जाने वाला रिफ्रेजरेंट यानी गैस हाई इन्फ्लेमेबल होता है, जिसकी वजह से यह तेजी से आग पकड़ सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- एसी की सर्विसिंग कराने में कभी भी देरी न करें। समयसमय पर एसी की सर्विसिंग कराते रहें, ताकि इसकी सही से मेंटेनेंस हो सके।
- एसी में कभी भी सस्ते पार्ट्स न लगवाएं। ऐसा करने से इसमें खराबी आ सकती है और आग लगने की संभावना बढ़ सकती है।
- टर्बो मोड का लगातार इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से कंप्रेसर पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है, जिसकी वजह से यह फट सकता है।
- इलेक्ट्रिक वायरिंग को भी लगातार चेक करते रहें ताकि किसी तरह की स्पार्किंग होने पर आप समय रहते इसे बदलवा सके।
- एसी को हमेशा ओवरहीटिंग से बचाकर रखें। इसके लिए एसी का कूलिंग क्वॉइल और फिल्टर साफ रहना बेहज जरूरी है।



