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अपने बच्चों को वहां न भेजें… अमेरिका में मारे गए भारतीय अंशुल की बहन का दर्द

फिलाडेल्फिया में शुक्रवार को गोली मारकर हत्या किए गए 28 साल के भारतीय युवक अंशुल कुंचा की बहन ने कहा है कि वह कभी अमेरिका नहीं जाना चाहते थे, लेकिन परिवार ने उन्हें फिर भी भेज दिया. हैदराबाद के रहने वाले अंशुल को कथित तौर पर पिज्जा पहुंचाने के लिए एक खाली घर में बुलाया गया था, जहां घात लगाकर उनकी हत्या कर दी गई. अंशुल की बहन ने न्याय की मांग करते हुए विदेश मंत्रालय से अपने भाई का शव वापस लाने की अपील की.

अपने बच्चों को वहां न भेजें… अमेरिका में मारे गए भारतीय अंशुल की बहन का दर्द
अपने बच्चों को वहां न भेजें… अमेरिका में मारे गए भारतीय अंशुल की बहन का दर्द

उन्होंने उन मातापिता के लिए भी एक संदेश साझा किया जो अपने बच्चों को आगे की पढ़ाई और करियर बनाने के लिए अमेरिका भेजने का सोच रहे हैं. उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, “वह अमेरिका नहीं जाना चाहते थे, लेकिन हमने उन्हें भेज दिया… और देखिए उनके साथ क्या हुआ. यह उन सभी मातापिता के लिए संदेश है जो अपने बच्चों को अमेरिका भेज रहे हैं. अपने बच्चों को अमेरिका न भेजें.”

उसे फंसाया गया अंशुल की बहन

अंशुल की बहन ने आगे आरोप लगाया कि यह घटना साफ तौर पर उसके भाई की हत्या की साजिश थी. अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक, कुंचा वीकेंड पर एक्स्ट्रा कमाई के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करते थे. उन्हें फिलाडेल्फिया के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, ‘रेमंड रोसेन होम्स’ में एक खाली घर पर पिज्जा डिलीवर करने के लिए बुलाया गया था. फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के CCTV फुटेज में पीड़ित को पिज्जा लेकर जाते हुए देखा जा सकता है. इसके बाद गहरे रंग के कपड़े पहने और बैकपैक लिए हुए दो लोग उनके पीछेपीछे जाते दिखे.

“यह एक जाल था”

उन्होंने PTI को बताया, “यह एक जाल था, मकसद उसे मारना था. मुझे नहीं पता कि उन्हें इससे क्या मिला या उनका क्या इरादा था. वे मेरे भाई को ले गए और उसे मार डाला.” उन्होंने आगे कहा कि परिवार को बताया गया कि उसके सिर में तीन गोलियां मारी गईं और उसे सड़क पर छोड़ दिया गया.


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