
लंदन. हमारे समाज में अक्सर यह माना जाता है कि शादी और बच्चे पैदा करने की एक सही उम्र होती है, और अगर वो उम्र निकल जाए तो औरत कभी मां बनने का सुख नहीं पा सकती. लेकिन ब्रिटेन की रहने वाली केली क्लार्क ने इस पुरानी सोच को ठेंगा दिखा दिया है. केली ने करियर की बुलंदियों को छूने और पूरी दुनिया की सैर करने के बाद, 50 साल की उम्र में अकेले ही मां बनने का एक ऐसा साहसी फैसला किया, जिसने सबको हैरान कर दिया. हालांकि, डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने उनकी उम्र को देखते हुए इस प्रेग्नेंसी को ‘जेरियाट्रिक’ (यानी बुढ़ापे की प्रेग्नेंसी) का नाम दिया था और कई तरह की चेतावनियों भी दी थीं, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर बुढ़िया कहे जाने के बावजूद केली ने अपनी फिटनेस और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर एक बेहद स्वस्थ बच्ची को जन्म देकर डॉक्टरों के मुंह पर ताला लगा दिया.
केली क्लार्क ससेक्स के क्रॉली इलाके की रहने वाली हैं और वह पूरे 23 साल तक फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने गैटविक एयरपोर्ट पर कई बड़े हाई-प्रोफाइल पदों पर भी काम किया. जब वह 50 साल की हुईं, तो उन्हें लगा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में सब कुछ हासिल कर लिया है. उन्होंने पार्टियां कर लीं, दुनिया घूम ली, शार्क के साथ स्विमिंग कर ली, अब बस मां बनने की कमी रह गई थी. चूंकि 50 की उम्र में भी वह सिंगल थीं, इसलिए उन्होंने किसी पार्टनर का इंतजार करने के बजाय अकेले ही मां बनने की ठानी. साल 2020 में वह आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए ग्रीस की राजधानी एथेंस गईं. डॉक्टरों ने उनकी उम्र को देखते हुए खुद के एग्स इस्तेमाल करना रिस्की बताया, जिसके बाद केली ने डोनर के एग्स और स्पर्म की मदद ली. इस तरह वो प्रेग्नेंट हुईं और मार्च 2021 में उन्होंने एक बेहद प्यारी और स्वस्थ बेटी ‘लायला रे क्लार्क’ को जन्म दिया.
हाल ही में इटली के एक असिस्टेड रिप्रोडक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स ने दावा किया था कि 49 साल की उम्र के बाद महिलाओं में आईवीएफ के जरिए भी मां बनने की संभावना बहुत कम हो जाती है और गर्भपात का खतरा दोगुना बढ़ जाता है. लेकिन केली इन सब दावों को पूरी तरह खारिज करती हैं. केली ने बताया, “जब मैं प्रेग्नेंट हुई, तब मैं अपनी लाइफ की सबसे बेहतरीन फिटनेस में थी. प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे कोई भी मेडिकल दिक्कत या शुगर-बीपी की समस्या नहीं हुई. बस हल्के-फुल्के माइग्रेन की शिकायत थी, जो मुझे पहले से ही थी. डॉक्टरों ने मुझे ‘जेरियाट्रिक’ कहा था, लेकिन मेरा मानना है कि इंसान उतना ही बूढ़ा होता है जितना वह अंदर से महसूस करता है.” सिंगल मदर होने के नाते केली को कई आर्थिक और मानसिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा, खासकर तब जब कोरोना महामारी के दौरान उनकी नौकरी चली गई.
नौकरी जाने के बावजूद भी नहीं मानी हार
कोरोना के दौरान जब उनकी नौकरी चली गई, तो हालात थोड़ी मुश्किल हुए. लेकिन इस दौरान भी उन्होंने एक उम्रदराज और समझदार मां होने के नाते हार नहीं मानी. उन्होंने सरकार से मिलने वाले यूनिवर्सल क्रेडिट की मदद ली, खुद को एक स्विमिंग टीचर के तौर पर रीट्रेन किया और बाद में अपनी बेटी के ही स्कूल में टीचिंग असिस्टेंट की नौकरी जॉइन कर ली, ताकि वह अपनी बेटी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिता सकें. अपनी सूझबूझ से केली ने बेटी के पहले जन्मदिन के ठीक बाद अपने घर का पूरा होम लोन भी चुकता कर दिया. आज केली और उनकी 5 साल की बेटी बेहद खुशहाल जिंदगी जी रही हैं. केली का कहना है कि वे युवा माताओं से ज्यादा बेहतर तरीके से अपनी बेटी को संभाल पा रही हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी लाइफ के सारे शौक पहले ही पूरे कर लिए हैं, और अब उनका पूरा समय सिर्फ और सिर्फ उनकी बेटी के लिए है.



