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क्या​​​ नियमित शारीरिक संबंध बनाने से तेज होता​​​​​​ है दिमाग? 50 साल से अधिक उम्र के लोगों पर हुई रिसर्च में सामने आई दिलचस्प बात

क्या​​​ नियमित शारीरिक संबंध बनाने से तेज होता​​​​​​ है दिमाग? 50 साल से अधिक उम्र के लोगों पर हुई रिसर्च में सामने आई दिलचस्प बात

आमतौर पर शारीरिक संबंधों को शारीरिक और मानसिक संतुष्टि से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन क्या इसका असर दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है? एक शोध में सामने आया है कि नियमित यौन गतिविधि और बेहतर संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Function) के बीच संबंध हो सकता है। खास बात यह है कि इस अध्ययन में 50 से 83 साल की उम्र के लोगों को शामिल किया गया था।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, नियमित शारीरिक संबंध बनाने वाले प्रतिभागियों ने कुछ मानसिक परीक्षणों में कम बार यौन गतिविधि करने वाले लोगों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि केवल शारीरिक संबंध बनाने से बुद्धि तेज होती है।

73 लोगों पर किया गया था अध्ययन

यह अध्ययन कोवेंट्री यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं से जुड़ा था। इसमें 50 से 83 साल की उम्र के कुल 73 लोगों को शामिल किया गया। इनमें 28 पुरुष और 45 महिलाएं थीं।

प्रतिभागियों से उनकी यौन गतिविधियों की आवृत्ति के बारे में जानकारी ली गई। इसके बाद उनकी दिमागी क्षमता को परखने के लिए अलग-अलग परीक्षण किए गए।

इन परीक्षणों में 60 सेकंड के भीतर अधिक से अधिक जानवरों के नाम बताना, किसी विशेष अक्षर से शुरू होने वाले शब्द याद करना और बिना देखे घड़ी की जटिल आकृति बनाना जैसे काम शामिल थे।

सप्ताह में एक बार संबंध बनाने वालों का प्रदर्शन बेहतर

अध्ययन में शामिल 37 लोगों ने बताया कि वे सप्ताह में एक बार शारीरिक संबंध बनाते हैं। वहीं, 26 प्रतिभागियों ने महीने में एक बार और 10 लोगों ने यौन गतिविधि नहीं करने की जानकारी दी।

शोध के नतीजों में पाया गया कि सप्ताह में एक बार शारीरिक संबंध बनाने वाले लोगों ने शब्दों की समझ और दृश्य संबंधी मानसिक परीक्षणों में बेहतर अंक हासिल किए।

औसतन उनका प्रदर्शन महीने में एक बार संबंध बनाने वाले प्रतिभागियों से लगभग 2 प्रतिशत और यौन गतिविधि नहीं करने वाले प्रतिभागियों से करीब 4 प्रतिशत बेहतर था।

यह अध्ययन The Journals of Gerontology: Series B में प्रकाशित हुआ था।

दिमाग पर कैसे पड़ सकता है शारीरिक संबंधों का असर?

शोधकर्ताओं ने इसके पीछे कुछ संभावित जैविक कारणों की चर्चा की है। शारीरिक संबंधों के दौरान दिमाग में डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे न्यूरोकेमिकल्स का स्राव बढ़ सकता है।

डोपामाइन का संबंध प्रेरणा, आनंद और सीखने की प्रक्रिया से है। वहीं, ऑक्सीटोसिन भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक संपर्क में भूमिका निभाता है।

इसके अलावा, यौन गतिविधि में शारीरिक गतिविधि, मानसिक जुड़ाव और पार्टनर के साथ सामाजिक संपर्क भी शामिल होते हैं। ये सभी चीजें उम्र बढ़ने के साथ मानसिक स्वास्थ्य और दिमागी सक्रियता से जुड़ी हो सकती हैं।

बढ़ती उम्र में भी मानसिक सक्रियता रखना जरूरी

इस अध्ययन से एक दिलचस्प पहलू सामने आता है कि उम्र बढ़ने के बाद भी स्वस्थ अंतरंग जीवन का संबंध मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से हो सकता है।

हालांकि, अध्ययन में प्रतिभागियों की संख्या सीमित थी और इसमें केवल संबंध देखा गया था, कारण साबित नहीं किया गया। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अधिक शारीरिक संबंध बनाने से निश्चित रूप से याददाश्त या बुद्धि बढ़ती है।

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान, मानसिक गतिविधियां और सामाजिक जुड़ाव भी महत्वपूर्ण हैं।

Satya Report Disclaimer: यह लेख प्रकाशित शोध और उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारियों पर आधारित है। अध्ययन में सामने आया संबंध किसी निश्चित चिकित्सकीय लाभ का प्रमाण नहीं है। इसे दिमागी क्षमता बढ़ाने के उपचार के रूप में न लें।

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