
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपने प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह को लेबनान में परेशानी पैदा करने से नहीं रोकता, तो अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान को तुरंत अपने महंगे प्रॉक्सी को लेबनान में दिक्कत पैदा करने से रोकना चाहिए। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो हम ईरान को पिछले हफ्ते की तरह फिर बहुत जोर से मारेंगे, बल्कि उससे भी ज्यादा जोर से!”
ट्रंप ने इस बार सारा दोष हिजबुल्लाह पर लगाया है। उन्होंने इजरायल का नाम तक नहीं लिया। पिछले कुछ दिनों में ट्रंप इजरायल की लेबनान में कार्रवाई की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इजरायल की कार्रवाई बिना सोचे-समझे हो रही है। ट्रंप ने यह भी नहीं कहा कि इजरायल को दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना वापस बुला लेना चाहिए। ईरान यही मांग कर रहा है।
अमेरिका-ईरान के बीच समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमला न करने और धमकी न देने का वादा किया था। लेकिन ट्रंप अब फिर से ईरान को धमकी दे रहे हैं। यह बयान लेबनान में बढ़ते तनाव के बीच आया है। ट्रंप का फोकस हिजबुल्लाह को काबू में रखने पर है।
पूरा विवाद क्या है?
फरवरी 2026 की अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीधा संघर्ष हुआ था, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने ईरान की परमाणु साइटों, नौसेना और शीर्ष नेताओं पर हमले किए। ईरान ने जवाब में मिसाइलें दागीं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया।
17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच MOU साइन हुआ। इसमें युद्धविराम, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, प्रतिबंधों में ढील और आर्थिक मदद जैसे मुद्दे शामिल थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी न देने का वादा किया था। ट्रंप MOU के बावजूद धमकी दे रहे हैं, जो समझौते के “बल प्रयोग न करने” वाले हिस्से से टकराता दिखता है। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिनों की बातचीत चल रही है, जिसमें परमाणु मुद्दा, प्रतिबंध और पुनर्निर्माण शामिल हैं। लेबनान की अस्थिरता पूरे समझौते को खतरे में डाल सकती है।



