इस समय होर्मजु का पानी फिर से खौल रहा है. होर्मुज पर कमर्शियल जहाजों पर हमला हुआ है जिसके बाद अमेरिका की सेना ने ईरान पर हमला बोल दिया है. होर्मुज से लगे ईरान के बंदगाह शहरों और द्वीपों को निशाना बनाया गया है. Axios की एक रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज के इलाके में ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के नए हवाई हमले, दस दिन पहले किए गए हमलों की तुलना में चार या पांच गुना बड़े थे. अमेरिका के इन हमलों से पहले होर्मुज में एक ऐसे जहाज पर भी हमला हुआ था जो भारत आ रहा है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि कतर से भारत आ रहे एक जहाज पर कथित तौर पर ड्रोन से हमला हुआ. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के मरने की कोई खबर नहीं है. सूत्रों के अनुसार, जहाज पर 29 नाविक सवार हैं, जिनमें से चार भारतीय नागरिक हैं और मिली जानकारी के मुताबिक सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं.
इस रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे बहुत ज्यादा धुआं निकलने लगा. यह जहाज कतर के रास लाफान से भारत के गुजरात के दहज जा रहा है. यह घटना ओमान की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुई.
इस रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने बताया, “7 जुलाई को अरब सागर से गुजरते समय, LNGC AL REKAYYAT पर कथित तौर पर ड्रोन से हमला हुआ. RPSL ने DGCOMM को इस घटना की जानकारी दी. शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है. जहाज कतर के रास लाफान से भारत के दहज जा रहा है. घटना की जगह ओमान की खाड़ी है.”
सूत्र ने आगे कहा, “जहाज पर कुल 29 नाविक सवार हैं, जिनमें से चार भारतीय नागरिक हैं. जानकारी मिली है कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं. हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे बहुत ज्यादा धुआं निकलने लगा.” बता दें कि भारत ने बारबार शिपिंग लाइनों की सुरक्षा पर जोर दिया है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से आजाद और बिना किसी रुकावट के नेविगेशन और व्यापार पर जोर दिया है.



