
ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के आरोप में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास से करीब 600 ग्राम MDMA बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस का आरोप है कि दोनों बिजनेस वीजा पर भारत आए थे और दिल्ली-NCR में अलग-अलग जगहों पर स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेकर ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी आइवरी कोस्ट और घाना के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट सोसायटी के पाइन टावर स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में रह रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से MDMA के अलावा 1.19 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पैकिंग पॉलिथीन, दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और दो बैग बरामद किए गए।
पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे दोनों आरोपी सेक्टर-130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के सामने एक ऑटो से उतरे। इसी दौरान उनकी नजर पुलिस की गाड़ी पर पड़ी और दोनों वहां से भागने लगे।
आरोप है कि भागते समय दोनों ने अपने मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिए। इसके अलावा एक बैग झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस टीम ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में MDMA समेत अन्य सामान बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बरामद सामग्री के बारे में पुलिस को कथित तौर पर गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उन्होंने बरामद पदार्थ को ‘घोड़े का खाना’ बताया।
जहां सप्लाई करनी होती, वहीं किराये पर लेते थे कमरा
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय तक एक ही जगह पर नहीं रहते थे। आरोप है कि दिल्ली-NCR के जिस इलाके में ड्रग्स की सप्लाई करनी होती थी, उसके आसपास स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेकर ठहर जाते थे।
फिलहाल पुलिस उनके भारत आने की तारीख, यहां रहने की अवधि और बिजनेस वीजा से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हाल में अपने वीजा का नवीनीकरण भी कराया था।
सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क का आरोप
पुलिस का कहना है कि आरोपियों का ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क ऑनलाइन तरीके से चल रहा था। कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और इसके बाद डिलीवरी के लिए ऑनलाइन माल परिवहन सेवाओं तथा बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों मुख्य रूप से अफ्रीकी मूल के लोगों और दिल्ली-NCR के कॉलेज छात्रों को MDMA सप्लाई करते थे। पुलिस का दावा है कि MDMA को कथित तौर पर 2 हजार से 4 हजार रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर बेचा जाता था।
टूटे मोबाइल से खुलेगा नेटवर्क का राज?
गिरफ्तारी से पहले आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन तोड़ने की कोशिश किए जाने के बाद पुलिस ने दोनों फोन कब्जे में ले लिए हैं। अब इन मोबाइल की जांच के जरिए कथित ऑनलाइन चैट, संभावित खरीदारों, सप्लाई नेटवर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि दिल्ली-NCR में कहीं से मादक पदार्थों की खेप आरोपियों तक पहुंचाई जा रही थी। हालांकि, यह अभी जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस दोनों आरोपियों के पास मिले पासपोर्ट और वीजा दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 600 ग्राम MDMA की बरामदगी और आरोपियों के ऑनलाइन सप्लाई नेटवर्क से जुड़े होने के दावों की जांच जारी है।


