कंज्यूमर गुड्स बनाने वाली कंपनियां अगस्त में कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं यह इस साल ज्यादातर कैटेगरी में तीसरी बढ़ोतरी होगी. इसकी वजह वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव के कारण कच्चे माल की कीमतों में उतारचढ़ाव और माल ढुलाई का ज्यादा खर्च है, साथ ही करेंसी की कीमतों में उतारचढ़ाव भी इसकी एक वजह बताई जा रही है. इंडस्ट्री के अधिकारियों के हवाले से ईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले महीने से पैक्ड चाय, हेयर ऑयल, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन, कपड़े और पैसेंजर गाड़ियों जैसे कई प्रोडक्ट्स की कीमतों में 68 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है. कंपनियों को उम्मीद है कि फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले यह कीमतों में बढ़ोतरी का आखिरी दौर होगा, जिससे डिमांड पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. फेस्टिव सीजन की शुरुआत अगस्त में केरल में ओणम से होती है और यह नवरात्रि से लेकर दिवाली तक जोरों पर रहती है, जो इस साल नवंबर में है.

बढ़ेगा आम लोगों की जेब पर बोझ
हायर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव सतीश एनएस ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि वेस्ट एशिया संकट कम होने के साथ हालात स्थिर हो जाएंगे. लेकिन हालिया तनाव के कारण कीमतें फिर से बढ़ानी पड़ेंगी क्योंकि एक्सचेंज रेट में उतारचढ़ाव बना हुआ है और कमोडिटी व क्रूड डेरिवेटिव की कीमतें ज्यादा बनी हुई हैं. इंडस्ट्री ने अब तक कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला है, जो अब किया जाएगा. भारत में केल्विन क्लाइन और टॉमी हिलफिगर बेचने वाली अरविंद फैशन्स ने भी संकेत दिया है कि वह कीमतें बदल सकती है. चीफ एग्जीक्यूटिव अमीषा जैन ने पिछले हफ्ते एनालिस्ट्स को बताया कि कंपनी वेस्ट एशिया में लंबे समय से चल रहे टकराव के बीच मुनाफे को बचाने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, जिसमें कॉस्ट पर सख्त कंट्रोल और कीमतों में संभावित बदलाव शामिल हैं.
ब्रांडेड कपड़ों की कीमत में होगा इजाफा
कपड़ों के ब्रांड्स ने अब तक कम कॉस्ट पर खरीदे गए पुराने स्टॉक को बेचकर कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी से परहेज किया था. हालांकि, ज्यादा कीमतों पर खरीदे गए नए सीजन के सामान अब स्टोर तक पहुंच रहे हैं, जिससे कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है. वेस्ट एशिया में तनाव के कारण कई कंपनियां अगस्त में कीमतें 8 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं. इनपुट की ज्यादा कीमतें कीमतें, माल ढुलाई का खर्च और रुपए की कीमतों में उतारचढ़ाव का असर पड़ रहा है. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अगस्त से सभी कैटेगरी में 46 फीसदी कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं. इस साल रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की कीमतें पहले ही 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, जबकि टेलीविजन की कीमतें 15 फीसदी से ज़्यादा बढ़ी हैं, जिसकी वजह मेमोरी चिप की ज़्यादा लागत और सप्लाई में कमी है. स्मार्टफोन की कीमतें भी बढ़ रही हैं क्योंकि पिछले आठनौ महीनों में मेमोरी चिप की कीमतें तीन गुना से ज़्यादा हो गई हैं.
कारें भी होने जा रही महंगी
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी अगस्त से कीमतें 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी यह इस फाइनेंशियल ईयर में दूसरी बढ़ोतरी होगी ताकि इनपुट कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी की कुछ हद तक भरपाई की जा सके. होंडा कार्स इंडिया भी 1 अगस्त से कीमतें बढ़ाएगी, जबकि मर्सिडीजबेंज इंडिया रुपए की गिरती कीमत की भरपाई के लिए अगली तिमाही में कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है. टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस महीने की शुरुआत में ही कीमतें बढ़ा दी थीं. मर्सिडीजबेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष अय्यर ने कहा कि कंपनी कीमतों में बढ़ोतरी की मात्रा तय करने से पहले करेंसी में हो रहे बदलावों पर बारीकी से नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि हालांकि लग्जरी सामानों पर खर्च अभी भी ठीकठाक बना हुआ है, लेकिन इंपोर्ट कॉस्ट और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं इंडस्ट्री के लिए चुनौती बनी हुई हैं. कंपनी ने 2026 की पहली छमाही में कुल मिलाकर 4 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई थीं.
FMCG प्रोडक्ट्स की कीमत
FMCG कंपनियों के लिए, टकराव की वजह से पेट्रोलियम से जुड़े इनपुट, जैसे कि लीनियर लोडेंसिटी पॉलीइथिलीन और पैकेजिंग मटीरियल की कीमतों में उतारचढ़ाव बढ़ गया है. टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज कंज्यूमर केयर, दोनों ने इस महीने अर्निंग्स कॉल के दौरान महंगाई के दबाव का जिक्र किया. बजाज कंज्यूमर केयर के मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन पांडे ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि इंडस्ट्री को एक बार फिर इनपुट कॉस्ट बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने की संभावना है, जिसके बाद इसमें धीरेधीरे राहत मिल सकती है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि फसल कटाई का मौसम होने के बावजूद सरसों और बादाम के तेल समेत खाने के तेल की कीमतें असामान्य रूप से ज़्यादा हैं. कीमतें ज्यादा होने के बावजूद, कंपनियां डिमांड को लेकर उम्मीद बनाए हुए हैं. हैवेल्स इंडिया के चेयरमैन अनिल राय गुप्ता ने कहा कि ग्राहकों ने अब तक कीमतों में हुई बढ़ोतरी को आसानी से स्वीकार किया है.



