
कभी-कभी किसी परेशानी का जल्द समाधान पाने की चाहत इंसान को ऐसे लोगों के पास पहुंचा देती है, जो उसकी मजबूरी का फायदा उठाने लगते हैं। बेंगलुरु में कुछ समय पहले सामने आई एक ऐसी ही घटना में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने यौन समस्या का इलाज कराने के चक्कर में कथित तौर पर 48 लाख रुपये गंवा दिए।
पीड़ित का आरोप था कि सड़क किनारे लगे एक आयुर्वेदिक तंबू में उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को इलाज करने वाला बताया। इसके बाद उसे महंगी हर्बल दवाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के लिए तैयार किया गया। बाद में पीड़ित की तबीयत भी बिगड़ गई।
अस्पताल जाते वक्त दिखा एक तंबू
कहानी की शुरुआत उस वक्त हुई जब इंजीनियर अस्पताल में अपनी यौन समस्या का इलाज कराने जा रहा था। रास्ते में उसे सड़क किनारे एक तंबू दिखाई दिया।
तंबू पर लगे पोस्टर में यौन समस्याओं का जल्द समाधान करने का दावा किया गया था। परेशानी से जूझ रहा इंजीनियर वहां रुक गया और अंदर मौजूद व्यक्ति से अपनी समस्या साझा की।
उस व्यक्ति ने कथित तौर पर उसे भरोसा दिलाया कि एक ‘गुरुजी’ उसकी समस्या को जल्दी ठीक कर सकते हैं।
फिर हुई ‘गुरुजी’ से मुलाकात
उसी दिन शाम को एक व्यक्ति तंबू पर पहुंचा, जिसने खुद को गुरुजी बताया। शिकायत के मुताबिक, उसने इंजीनियर की समस्या सुनने के बाद एक कथित दुर्लभ जड़ी-बूटी का नाम बताया और दावा किया कि इससे उसकी परेशानी दूर हो सकती है।
इसके बाद उसे एक खास आयुर्वेदिक दुकान से वह उत्पाद खरीदने के लिए कहा गया।
सबसे चौंकाने वाली बात इसकी कीमत थी। पीड़ित के मुताबिक, उसे बताया गया कि इस दवा की कीमत करीब 1.6 लाख रुपये प्रति ग्राम है।
अकेले जाने की बात कही
पीड़ित का आरोप था कि उसे दवा खरीदने के लिए अकेले भेजा गया। उसे यह भी बताया गया कि किसी दूसरे व्यक्ति को साथ ले जाने से दवा का असर खत्म हो सकता है।
वह भरोसा कर बैठा और दवा खरीदने के लिए पैसे जुटाने लगा।
पहले उसने परिवार से पैसे लिए। इसके बाद कथित तौर पर हर सप्ताह पत्नी और माता-पिता से रकम उधार लेकर अलग-अलग उत्पाद खरीदता रहा।
लाखों खर्च करने के बाद भी नहीं हुआ फायदा
शिकायत के अनुसार, उसे एक विशेष तेल भी दिया गया, जिसकी कीमत भी बेहद ज्यादा बताई गई। इसके बाद और दवाएं खरीदने के लिए उस पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया।
रकम बढ़ती गई और इलाज के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते चले गए।
एक समय ऐसा आया जब पीड़ित ने बैंक से लोन लिया और कुछ रकम दोस्तों से भी उधार ली। शिकायत में दावा किया गया कि उसने अलग-अलग दवाओं और उत्पादों पर कुल 48 लाख रुपये खर्च कर दिए।
लेकिन जिस समस्या को ठीक करने के लिए उसने इतना पैसा लगाया था, उसमें कोई खास सुधार नहीं हुआ।
इलाज के बजाय सामने आई नई परेशानी
कई महंगे उत्पाद इस्तेमाल करने के बाद जब पीड़ित की तबीयत खराब हुई तो उसने मेडिकल जांच कराई।
जांच में कथित तौर पर किडनी से जुड़ी समस्या सामने आई। इसके बाद उसे शक हुआ कि कहीं इलाज के नाम पर दी गई चीजों की वजह से उसकी सेहत तो खराब नहीं हुई।
इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तीन लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित ने शिकायत में उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिसने उसे कथित तौर पर गुरुजी से मिलवाया था। इसके अलावा उस व्यक्ति और दवा बेचने वाली दुकान से जुड़े लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।
पुलिस से पूरे मामले की जांच करने और इलाज के नाम पर लिए गए पैसों तथा बेचे गए उत्पादों की जांच की मांग की गई।
कहानी छोड़ गई बड़ा सवाल
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि यौन स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी को लेकर जल्दबाजी में किसी भी व्यक्ति के दावे पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
खासकर ऐसे उपचार, जिनमें बिना चिकित्सकीय जांच के बेहद महंगी दवाएं लेने या बड़ी रकम खर्च करने की बात कही जाए, उनके मामले में सावधानी जरूरी है।
यौन समस्या होने पर योग्य डॉक्टर से जांच और सलाह लेना सबसे सुरक्षित रास्ता है। किसी भी दवा या हर्बल प्रोडक्ट को बिना उसकी गुणवत्ता, सामग्री और चिकित्सकीय उपयुक्तता जाने इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।



