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​Nitin Gadkari Statement: गडकरी बोले- नागपुर के अंडरवर्ल्ड के 99% लोग मेरे समर्थक, विकास कार्यों से बने संबंध

Nitin Gadkari Underworld Statement: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपने राजनीतिक अनुभव और विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। 

​Nitin Gadkari Statement: गडकरी बोले- नागपुर के अंडरवर्ल्ड के 99% लोग मेरे समर्थक, विकास कार्यों से बने संबंध

उन्होंने कहा कि नागपुर के अंडरवर्ल्ड और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े करीब 99 प्रतिशत लोग उनके समर्थक हैं। हालांकि, गडकरी ने साफ किया कि उनके बयान को आपराधिक गतिविधियों के समर्थन या अपराधियों से करीबी रिश्ते के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

आईआईएम नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में 5 सितंबर को बोलते हुए गडकरी ने कहा कि उनके संपर्क का आधार मुख्य रूप से विकास कार्य और सामाजिक गतिविधियां रही हैं। 

उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उन्हें शिक्षित इलाकों में करीब 70 से 75 प्रतिशत, जबकि उनके अनुसार आपराधिक और रेडलाइट क्षेत्रों में लगभग 92 प्रतिशत वोट मिले।

विकास कामों के कारण विभिन्न तबकों के लोगों का समर्थन मिला

गडकरी ने कहा कि राजनीति में उन्होंने समाज के अलगअलग वर्गों के बीच काम किया है। उनके मुताबिक, सड़क निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं के कारण उन्हें विभिन्न तबकों के लोगों का समर्थन मिला।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने शिक्षित मतदाताओं की मतदान में कम भागीदारी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई लोग देश और राजनीति की समस्याओं पर चर्चा तो करते हैं, लेकिन मतदान के दिन वोट डालने नहीं पहुंचते। उनके मुताबिक लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

जाति या धर्म नहीं, बल्कि मुद्दों पर वोट करें जनता. नितिन गडकरी

गडकरी ने जाति और धर्म के आधार पर राजनीति के बजाय सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि जातिगत आधार पर बनाए गए राजनीतिक प्रयोग अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए।

राजनेताओं को आलोचना सुनने की क्षमता विकसित करनी चाहिए

गडकरी ने पत्रकारिता में स्वतंत्रता , निष्पक्षता और विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजनेताओं को आलोचना सुनने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। वहीं पत्रकारों को तथ्यों की जांच के बाद जनता और देशहित से जुड़े मुद्दों को सामने रखना चाहिए।

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