
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जनरेटिव AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑफिस में होने वाले कई कामों और रोजगार के अवसरों पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर व्हाइट-कॉलर नौकरियों में काम करने वाले युवाओं और करियर की शुरुआत करने वाले लोगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, भारत समेत दक्षिण एशिया में AI के कारण कुछ शुरुआती स्तर की नौकरियों की मांग प्रभावित हुई है। वहीं, AI से जुड़ी तकनीकी जानकारी और नई स्किल्स रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए अवसर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या AI सचमुच नौकरियां खत्म कर देगा या काम करने का तरीका बदल रहा है?
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के अनुसार, जनरेटिव AI उन कामों को प्रभावित कर सकता है जिन्हें कंप्यूटर के जरिए आसानी से स्वचालित किया जा सकता है। इनमें डेटा से जुड़े कुछ काम, नियमित प्रशासनिक कार्य और कुछ शुरुआती स्तर की तकनीकी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं।
ChatGPT के लॉन्च के बाद दक्षिण एशिया के रोजगार बाजार में आए बदलावों पर भी चर्चा की गई है। रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2022 के बाद क्षेत्र में कुछ प्रकार की नौकरियों के विज्ञापनों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, किसी खास अवधि में नौकरी के विज्ञापनों का कम होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि सभी नौकरियां AI के कारण ही खत्म हुई हैं। आर्थिक परिस्थितियां, कंपनियों की भर्ती नीतियां और दूसरे तकनीकी बदलाव भी इसके पीछे भूमिका निभा सकते हैं।
किन नौकरियों पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर?
AI का प्रभाव हर पेशे और हर कर्मचारी पर एक जैसा नहीं होगा। उन कामों में बदलाव की संभावना अधिक है जिनमें बार-बार एक जैसी प्रक्रिया दोहराई जाती है और जिनके लिए सीमित मानवीय निर्णय की जरूरत होती है।
- IT और सॉफ्टवेयर क्षेत्र: कोड लिखने, गलतियां पहचानने और सामान्य तकनीकी दस्तावेज तैयार करने जैसे कुछ काम AI टूल्स से तेजी से किए जा सकते हैं।
- डेटा एंट्री और प्रशासनिक काम: नियमित जानकारी दर्ज करने, व्यवस्थित करने और सारांश बनाने जैसे कार्यों का स्वचालन संभव है।
- कंटेंट और रिसर्च: शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने, जानकारी का सार निकालने और सामान्य रिसर्च में AI मदद कर सकता है।
- ग्राहक सेवा: सामान्य सवालों के जवाब देने और शुरुआती स्तर की सहायता देने वाले कुछ काम चैटबॉट संभाल सकते हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि इन क्षेत्रों की सभी नौकरियां समाप्त हो जाएंगी। कई भूमिकाओं में AI कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने वाला साधन बन सकता है, जबकि अंतिम निर्णय, गुणवत्ता की जांच और जटिल समस्याओं को हल करने के लिए मानवीय विशेषज्ञता की जरूरत बनी रह सकती है।
AI के कारण रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं
AI का बढ़ता इस्तेमाल कुछ पारंपरिक कामों को कम कर सकता है, लेकिन इसके साथ नई भूमिकाओं और कौशलों की मांग भी पैदा हो रही है। कंपनियों को ऐसे लोगों की जरूरत पड़ सकती है जो AI टूल्स का प्रभावी इस्तेमाल कर सकें, उनके परिणामों की जांच करें और उन्हें व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार लागू कर सकें।
AI इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, AI सुरक्षा और जिम्मेदार AI के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों के लिए अवसर बन रहे हैं। इसके अलावा, प्रॉम्प्ट डिजाइन, AI सिस्टम के परीक्षण और मौजूदा कार्यप्रणालियों में AI को शामिल करने जैसे काम भी कई संस्थानों में महत्व हासिल कर रहे हैं।
हालांकि, इन भूमिकाओं की मांग हर कंपनी और उद्योग में समान नहीं है। केवल किसी नए पद का नाम सीख लेने से नौकरी की गारंटी नहीं मिलती; संबंधित क्षेत्र का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी है।
क्या अब केवल कोडिंग सीखना काफी नहीं है?
पहले कई युवा सॉफ्टवेयर और IT क्षेत्र में करियर बनाने के लिए कोडिंग सीखने पर विशेष जोर देते थे। आज AI आधारित टूल्स कोड के कुछ हिस्से लिखने और सामान्य गलतियों को पहचानने में मदद कर सकते हैं। इससे शुरुआती स्तर के काम करने के तरीके बदल रहे हैं।
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कोडिंग सीखना बेकार हो गया है। प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ, समस्या सुलझाने की क्षमता, सिस्टम डिजाइन, सुरक्षा और कोड की गुणवत्ता जांचने का ज्ञान अब भी महत्वपूर्ण है। AI द्वारा तैयार किए गए कोड को समझना, उसकी गलतियां पहचानना और जरूरत के अनुसार सुधार करना भी एक उपयोगी कौशल है।
इसलिए युवाओं के लिए बेहतर रास्ता यह है कि वे कोडिंग के साथ AI टूल्स का इस्तेमाल, तार्किक सोच और अपने क्षेत्र की गहरी समझ विकसित करें।
युवाओं को भविष्य के लिए कौन-सी स्किल्स सीखनी चाहिए?
बदलते रोजगार बाजार में टिके रहने के लिए केवल डिग्री या किसी एक तकनीकी कौशल पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। युवाओं को अपने क्षेत्र के अनुसार लगातार नई चीजें सीखते रहना चाहिए।
- AI और डिजिटल टूल्स: अपने पेशे से जुड़े AI टूल्स का सही इस्तेमाल सीखें।
- बुनियादी तकनीकी ज्ञान: डेटा, प्रोग्रामिंग और डिजिटल सुरक्षा की उपयोगी समझ विकसित करें।
- समस्या सुलझाने की क्षमता: केवल जवाब हासिल करने के बजाय समस्या को समझना और सही समाधान चुनना सीखें।
- कम्युनिकेशन और टीमवर्क: विचारों को स्पष्ट रूप से समझाना, सहयोग करना और ग्राहकों की जरूरतों को समझना महत्वपूर्ण है।
- लगातार सीखने की आदत: तकनीक बदलने के साथ अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहें।
विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM से जुड़ी शिक्षा तकनीकी क्षेत्रों में उपयोगी आधार दे सकती है। इसके साथ ही, गैर-तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए भी अपने पेशे के अनुसार AI की समझ विकसित करना फायदेमंद हो सकता है।
क्या AI सभी की नौकरियां खत्म कर देगा?
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि AI सभी नौकरियां खत्म कर देगा। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि किसी पेशे में कौन-से काम किए जाते हैं, AI उन कामों को कितनी अच्छी तरह कर सकता है और कंपनियां नई तकनीक को किस तरह अपनाती हैं।
कुछ कामों में कर्मचारियों की जरूरत कम हो सकती है, कुछ नौकरियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं और नए प्रकार के रोजगार भी सामने आ सकते हैं। इसलिए नौकरी करने वालों और करियर शुरू करने वाले युवाओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे तकनीकी बदलावों को समझें और अपने कौशल को समय के साथ बेहतर बनाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और AI से जुड़े सामान्य रुझानों पर आधारित है। रोजगार पर AI का वास्तविक प्रभाव उद्योग, कंपनी और काम की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों और निष्कर्षों की पुष्टि के लिए मूल रिपोर्ट देखना उचित होगा।



