भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। चहल ने माना है कि भारत के लिए टेस्ट खेलने का सपना अब पूरा होना मुश्किल है, लेकिन उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। वह एकदिवसीय और टी20 प्रारूप में देश के लिए फिर खेलने का मौका हासिल करने की कोशिश जारी रखेंगे।

चहल ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा है कि लाल गेंद वाला क्रिकेट उनके लिए कभी सिर्फ एक प्रारूप नहीं रहा है। उनके मुताबिक, इसी क्रिकेट ने उन्हें धैर्य, संघर्ष, मजबूती और लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने का मतलब समझाया है। उन्होंने कहा है कि टेस्ट की टोपी पहनना उनका कई साल पुराना सपना था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका है।
बता दें कि चहल ने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर खेला था। यह मुकाबला उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला है। चहल ने कहा है कि अपने प्रथम श्रेणी करियर को यहीं खत्म करना उनके लिए भावुक पल है, लेकिन वह अपने सफर और मिले मौकों से संतुष्ट हैं।
चहल ने अपने संदेश में साफ किया है कि वह अभी पूरी तरह क्रिकेट से दूर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि देश के लिए खेलने की इच्छा अब भी उतनी ही मजबूत है और उन्हें भरोसा है कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उनका लक्ष्य एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट में भारत की टीम में दोबारा जगह बनाना है।
युजवेंद्र चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की थी। उन्होंने 49 मुकाबलों में 148 विकेट लिए हैं और उनका गेंदबाजी औसत 32.27 रहा है। हालांकि, लाल गेंद वाले क्रिकेट में वह हरियाणा की टीम के नियमित सदस्य नहीं रहे हैं। रणजी ट्रॉफी में उनका सबसे सक्रिय दौर 201617 सत्र रहा था, जब उन्होंने 7 मुकाबलों में 33 विकेट लिए थे और उनका औसत 22.60 रहा था।
हाल के समय में चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। 2026 काउंटी चैंपियनशिप के दूसरे डिवीजन में उन्होंने 21 विकेट लिए हैं और उनका औसत 16.14 रहा है। कम से कम 20 विकेट लेने वाले गेंदबाजों में यह दूसरा सबसे अच्छा औसत रहा है। उनका आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला मिडिलसेक्स के खिलाफ था, जिसमें नॉर्थम्पटनशायर को 7 विकेट से हार मिली और टीम की पदोन्नति की उम्मीद भी खत्म हो गई थी।
गौरतलब है कि भारतीय चयनकर्ताओं की योजना से बाहर होने के बावजूद चहल सफेद गेंद वाले घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं। वह हाल के वर्षों में सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट खेलते रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका आखिरी मुकाबला 202324 सत्र में हुआ था, जब उन्होंने 18 विकेट लेकर हरियाणा को खिताब जिताने में अहम योगदान दिया था।
चहल ने इसके बाद भी 50 ओवर वाले क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। वह पिछले 3 सत्र से नॉर्थम्पटनशायर के लिए वनडे कप में खेलते रहे हैं। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और मौजूदा समय में पंजाब किंग्स का हिस्सा हैं।
चहल ने भारत के लिए 72 एकदिवसीय और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। हालांकि, उन्हें कभी टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। भारत के लिए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में टी20 के रूप में आया था। अब प्रथम श्रेणी क्रिकेट से विदाई के बाद उनकी नजर सीमित ओवरों में वापसी पर है।



