
Satya Report: उत्तर प्रदेश के बरेली के जिले के चौपुला रोड इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तीन मंजिला मकान अचानक झुकने लगा. आरोप है कि पास में चल रही बेसमेंट की खुदाई के कारण यह ऐसा हुआ. मकान में रहने वाले लोग सुबह करीब पांच बजे घबराकर उठे, जब उन्हें घर में झुकाव और दरारें नजर आईं. स्थिति को देखते हुए परिवार को तुरंत घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया.
सूचना मिलने के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं हो रहा था. बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि बेसमेंट बनाने की अनुमति तो दी गई थी, लेकिन शर्त थी कि कम से कम दो मीटर की दूरी छोड़ी जाए. इसके विपरीत निर्माण किया गया, जिससे आसपास के मकानों को खतरा पैदा हो गया.
नगर निगम ने भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया. अधिशासी अभियंता राजीव राठी के अनुसार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते पड़ोस के मकानों को नुकसान पहुंचा है. निगम ने साफ किया है कि आगे कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी निर्माण कराने वाले की ही होगी.
हालांकि, इस पूरे मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे हैं. शुरुआत में निगम ने गलती से पीड़ित पक्ष को ही नोटिस थमा दिया, जिससे उनकी काफी किरकिरी हुई. बाद में गलती का एहसास होने पर नोटिस को संशोधित किया गया. इस घटना से जुड़े दोनों नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई.
इलाके में दहशत, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मकान के लगातार झुकने की वजह से इलाके में डर का माहौल बना हुआ है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मकान के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. साथ ही भवन क्षतिग्रस्त है, कृपया दूरी बनाए रखें जैसे चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं.
नगर निगम, बीडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी. विशेषज्ञों की टीम भी मकान की हालत का आकलन कर रही है, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो यह स्थिति नहीं बनती. अब सभी की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि दोषियों पर सख्त कदम उठाए जा सकें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.



