
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया के अहम तेल परिवहन मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर विस्फोटक हमले की घटना सामने आई है। पनामा के झंडे वाला तेल टैंकर एमटी लुईस-1 (MT Louise 1) 27 भारतीय नाविकों को लेकर गुजर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और कुछ समय के लिए उसकी संचालन क्षमता प्रभावित हुई। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 30 अक्टूबर को सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमटी लुईस-1 पर हमले के बावजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। भारत सरकार जहाज की प्रबंधन कंपनी के लगातार संपर्क में है और नाविकों की सुरक्षा पर नजर रख रही है।
छोटी नाव से लगाए गए थे विस्फोटक
समुद्री सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, हमला ओमान के खसाब तट से करीब 25 समुद्री मील यानी लगभग 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) को इस घटना की सूचना मिली थी।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि एक छोटी नाव से आए संदिग्ध लोगों ने टैंकर के बाहरी हिस्से पर दो विस्फोटक लगाए थे। इन विस्फोटकों को लिम्पेट माइन्स बताया गया है। ये ऐसे विस्फोटक होते हैं जिन्हें जहाज के बाहरी ढांचे से चिपकाया जा सकता है।
विस्फोट के बाद टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई और जहाज कुछ समय के लिए काम करना बंद कर गया। चालक दल ने तुरंत आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की और काफी प्रयासों के बाद उस पर काबू पा लिया। इसके बाद जहाज ने अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना में किसी नाविक को चोट नहीं आई और समुद्री पर्यावरण को नुकसान की भी सूचना नहीं है।
एक दिन पहले दूसरे टैंकर को भी बनाया गया था निशाना
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि 29 और 30 अक्टूबर को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो अलग-अलग तेल टैंकरों पर हमले हुए। 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े कच्चे तेल के टैंकर एमटी अरजाना (MT Arzanah) को निशाना बनाया गया था। इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे। वहीं, 30 अक्टूबर को एमटी लुईस-1 पर हमला हुआ, जिसमें 27 भारतीय नाविक मौजूद थे।
इस तरह दोनों जहाजों पर कुल 29 भारतीय नागरिक सवार थे और सरकार के मुताबिक सभी सुरक्षित हैं। भारत सरकार दोनों जहाजों की प्रबंधन कंपनियों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों का व्यापार होता है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रही घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रॉयटर्स के मुताबिक, फरवरी 2026 में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद इस जलमार्ग में लिम्पेट माइन्स से किसी जहाज पर सफल हमले की यह पहली ज्ञात घटना बताई जा रही है। हालांकि, हमले को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
— Satya Report



