BollywoodCrimeIndiaTrending

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, बाथरूम में गिरने से सिर में लगी थी गंभीर चोट

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, बाथरूम में गिरने से सिर में लगी थी गंभीर चोट

मुंबई, महाराष्ट्र: हिंदी सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है। ‘कांटे’, ‘काबिल’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 अक्टूबर की रात वह मुंबई स्थित अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उनके निधन की खबर 31 अक्टूबर की सुबह सामने आई।

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर संजय गुप्ता के निधन की पुष्टि करते हुए शोक जताया। उन्होंने उन्हें बेहतरीन कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताते हुए कहा कि उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ है।

बाथरूम में गिरने से सिर में लगी चोट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संजय गुप्ता रात के समय अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। इस घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी परिवार और करीबियों को अगली सुबह मिली। फिलहाल उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी और परिवार की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

संजय दत्त के साथ कई फिल्मों में किया काम

संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने ‘जंग’, ‘खौफ’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।

संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी काफी चर्चित रही। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। गुप्ता की फिल्मों में अपराध, गैंगस्टर, बदले और मुंबई के अंडरवर्ल्ड की कहानियां प्रमुखता से दिखाई देती थीं।

इन फिल्मों से बनाई अलग पहचान

संजय गुप्ता की चर्चित फिल्मों में ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘काबिल’, ‘जज्बा’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं। उन्होंने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी फिल्मों की खास पहचान तेज रफ्तार कहानी, एक्शन और अपराध की दुनिया का अलग अंदाज था।

उनकी आखिरी फिल्मों में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ शामिल है, जो 2025 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी मुख्य भूमिकाओं में थे।

पहले भी हो चुके थे गंभीर सड़क हादसे का शिकार

संजय गुप्ता पहले भी एक गंभीर कार हादसे का सामना कर चुके थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘कांटे’ की रिलीज के कुछ समय बाद दिसंबर 2002 में खंडाला से लौटते समय उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और करीब पांच सप्ताह तक अस्पताल में रहना पड़ा था।

संजय गुप्ता के निधन की खबर से हिंदी फिल्म जगत में शोक का माहौल है। उनके निर्देशन में बनी कई फिल्मों ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई और उन्हें एक अलग तरह की क्राइम-एक्शन फिल्में बनाने वाले फिल्ममेकर के रूप में याद किया जाएगा।

— Satya Report

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply