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पैसों की तंगी, परिवार में झगड़े और तंग आर्थिक स्थिति…. नासिक की IT कंपनी में कैसे अपना टारगेट चुनते थे आरोपी?

 पुलिस ने IT कंपनी TCS में हुए धर्मांतरण को लेकर नया खुलासा किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी उन लोगों को टारगेट करते थे, जो आर्थिक तौर पर कमजोर थे, पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे थे और जिनके पास पैसों की कमी थी.
पैसों की तंगी, परिवार में झगड़े और तंग आर्थिक स्थिति.... नासिक की IT कंपनी में कैसे अपना टारगेट चुनते थे आरोपी?

Satya Report:  नासिक की IT कंपनी TCS में सामने आए धर्मांतरण के मामले पर अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक शिकायतर्कताओं ने सीनियर स्टाफ मेंबर्स और HR मैनेजर से संबंधित एक नेटवर्क का खुलासा किया है. जांच में पता चला कि आरोपी एक ट्रेनिंग टीम का हिस्सा थ और उनके पास कर्मचारियों के बारे में विस्तृत जानकारी थी. जांच में यह भी पता चला कि वे मुख्य रूप से आर्थिक तौर पर कमजोर, पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे और पैसों की जरूरत वाले लोगों को अपना टारगेट बनाते थे.

देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां 

पुलिस के मुताबिक ट्रेनिंग के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं. जब पीड़ित व्यक्ति इससे परेशान होता था, तो HR मैनेजर निदा खान उससे संपर्क कर धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लेती थी. निदा खान खुद भी एक आरोपी है. जांचकर्ताओं के मुताबिक समय के साथ टारगेट को अपनी लाइफस्टाइल और पहनावे में बदलाव करने के लिए मजबूर किया जाता था. उन्होंने बताया कि एक पीड़ित व्यक्ति इतना प्रभावित हुआ कि उसने अपने परिवार से झगड़ा किया और अपने घर से हिंदू देवी-देवताओं की सभी तस्वीरें हटा दीं. इस मामले में 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तर शामिल हैं. .

ऑफिस में चलाया सीक्रेट ऑपरेशन 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें कुछ महिला कॉन्सटेबल सफाई कर्मचारियों का वेश धारण करके ऑफिस कैंपस में पहुंची. कंपनी में क्लीनिंग सर्विस आउटसोर्स की जाती हैं और एक बाहरी एजेंसी इन्हें भर्ती करती है. इसलिए महिला पुलिसकर्मियों को वहां भेजना सुरक्षित कदम था, जिससे आरोपियों को कोई भनक तक नहीं लगी.

व्हाट्सएप ग्रुप का हुआ खुलासा 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ पुरुष पुलिसकर्मी भी वेश बदलकर ऑफिस कैंपस में मौजूद थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस सीक्रेट अभियान का मकसद चौंकाने वाले आरोपों की पुष्टि करना था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांचकर्ताओं को एक व्हाट्सएप ग्रुप भी मिला. आरोपी इसका इस्तेमाल अपने टारगेट के बारे में चर्चा करने के लिए करते थे. मामले की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (SIT)  यौन उत्पीड़न और हमले के उन भयावह आरोपों की भी जांच कर रही है, जो सामने आए हैं.

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