Agra Railway Cleanliness System: उत्तर मध्य रेलवे का प्रमुख आगरा रेल मंडल इन दिनों लगातार विवादों और सुर्खियों में बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं ने न केवल रेल मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारतीय रेलवे की छवि को भी झटका दिया है। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने यात्रियों की सुरक्षा, कर्मचारियों के व्यवहार और अब सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

12 जुलाई को हुआ डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट और RPF कर्मियों के बीच विवाद
विवादों की शुरुआत 12 जुलाई को हुई, जब आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट और आरपीएफ कर्मियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। उन्हें सार्वजनिक रूप से घसीटने और अपमानित किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने पूरे देश में रेलवे की किरकिरी करा दी।
परिवार के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप
इसके बाद आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों द्वारा एक यात्री और उसके परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। आरोप है कि इस घटना के चलते परिवार की ट्रेन तक छूट गई, जिससे रेलवे की कार्यशैली पर सवाल उठे।
इसी बीच बीते रविवार को एक और सनसनीखेज घटना सामने आई। आगरा कैंट से चली ट्रेन में, फतेहाबाद स्टेशन पहुंचने से पहले कुछ दबंग युवकों ने एक भाईबहन के साथ कथित मारपीट की। आरोप है कि युवकों ने भाई को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
जगहजगह लगे गंदगी के ढेर
अब इन घटनाओं के बीच पर ईदगाह रेलवे स्टेशन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक और सर्कुलेटिंग एरिया में जगहजगह गंदगी के ढेर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति आरोप लगाता है कि लंबे समय से स्टेशन पर सफाई नहीं हुई है और चारों ओर कूड़ा फैला हुआ है।
वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि स्टेशन पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि करीब ₹12,000 मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी भुगतान न होने से नाराज हैं और इसी वजह से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन पर हैं कि वह इन मामलों पर क्या कार्रवाई करता है और यात्रियों का भरोसा दोबारा कैसे कायम करता है।



