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बार-बार सिरदर्द? इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, हो सकता है ब्रेन ट्यूमर!

सिरदर्द आज के समय की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. ऑफिस का तनाव, मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल, नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या और खानपान की खराब आदतें इसके प्रमुख कारण हैं. हालांकि, सिर में दर्द होते ही कई लोग सबसे पहले ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी के बारे में सोचने लगते हैं. न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता.

इसलिए केवल सिरदर्द के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है. असली चिंता तब होती है, जब सिरदर्द का पैटर्न अचानक बदलने लगता है और इसके साथ कुछ दूसरे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं.

कब सतर्क होने की जरूरत है?

डॉ. प्रवीण गुप्ता बताते हैं कि अगर सिरदर्द पहले की तुलना में अलग महसूस हो रहा है, लगातार बढ़ रहा है या पहले से ज्यादा गंभीर होता जा रहा है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

कुछ संकेत ऐसे हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.

सिरदर्द का अचानक शुरू होना

दर्द का लगातार बढ़ना

सिरदर्द के कारण रात में नींद खुल जाना

सिरदर्द के साथ उल्टी होना

धुंधला दिखाई देना या नजर कमजोर होना

दौरे पड़ना

शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस होना

बोलने में परेशानी होना

चलते समय संतुलन बिगड़ना

सिर्फ सिरदर्द नहीं, उससे जुड़े लक्षण भी हैं अहम

ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा सिरदर्द अक्सर अकेला नहीं होता. इसके साथ शरीर कई दूसरे संकेत भी देता है. यही वजह है कि डॉक्टर केवल सिरदर्द को देखकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचते. बीमारी की पहचान के लिए मरीज के लक्षणों, उनकी गंभीरता और समय के साथ उनमें होने वाले बदलावों का आकलन किया जाता है.

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को पहले कभी सिरदर्द नहीं हुआ और अचानक तेज दर्द शुरू हो गया या कुछ हफ्तों के भीतर दर्द लगातार बढ़ने लगा, तो डॉक्टर विस्तृत जांच कराने की सलाह दे सकते हैं.

कब करानी चाहिए जांच?

अगर सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे, दर्द की प्रकृति बदल जाए या इसके साथ न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य जांचों की मदद से कारण का पता लगाते हैं.

सही समय पर जांच की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा सिरदर्द बहुत कम मामलों में केवल सिरदर्द के रूप में सामने आता है. इसलिए इंटरनेट पर पढ़ी गई जानकारी के आधार पर खुद ही किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं है. अगर सिरदर्द बारबार हो रहा है, तो डरने के बजाय डॉक्टर से मिलें और उसकी असली वजह जानने की कोशिश करें. सही समय पर की गई जांच न केवल बीमारी की पहचान करने में मदद करती है.

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