
लखनऊ। गोमतीनगर के विकासखंड स्थित होटल क्रिस्टेलिया में खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर कर्मचारियों को बंधक बनाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने देर रात तुर्कमेनिस्तान की युवती दुनिया को भी पकड़ लिया है। उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। वहीं पुलिस अब उसकी सहेली रोजा की तलाश में जुटी है। मामले में विदेशी युवतियों के दस्तावेज और आरोपियों के नेटवर्क को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
दिल्ली की पार्टी में हुई थी शिवम और दुनिया की दोस्ती
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शिवम चौहान की दिल्ली में एक पार्टी के दौरान तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली दुनिया से मुलाकात हुई थी। इसके बाद शिवम ने उसे जन्मदिन की पार्टी में बुलाया, जहां दोनों की दोस्ती गहरी हो गई। दुनिया ने शिवम को बताया था कि वह सितंबर 2024 में मेडिकल विजिट वीजा पर भारत आई थी। उसके वीजा की अवधि 19 मार्च 2025 को समाप्त हो गई थी। दुनिया के मुताबिक, उसकी सहेली रोजा ने उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए थे और वापस नहीं कर रही थी।
फर्जी पासपोर्ट बनवाने की कोशिश का आरोप
दस्तावेज वापस नहीं मिलने पर दुनिया ने शिवम से मदद मांगी। इसके बाद शिवम ने अपने पुराने परिचित अभिनव सिंह से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक, अभिनव ने फर्जी पहचान पत्र के जरिए मदद करने और रोजा को तलाशने की बात कही थी। इसी सिलसिले में दोनों लखनऊ पहुंचे और होटल क्रिस्टेलिया में खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर दाखिल हुए। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि दुनिया के लिए फर्जी पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज तैयार कराने की कोशिश की गई थी या नहीं।
विदेश मंत्रालय का अधिकारी बनकर होटल में घुसे थे
घटना 15 अगस्त की रात की है। तीन संदिग्ध कार से होटल पहुंचे थे। उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए मैनेजर और कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने होटल कर्मचारियों को बंधक बना लिया और वहां ठहरे लोगों को भी बाहर जाने से रोक दिया। किसी तरह सूचना पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मेरठ के भावनपुर निवासी शिवम चौहान और बनारस के मलदहिया निवासी अभिनव सिंह को पकड़ा।
अभिनव नोएडा की एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करता है और पहले विदेश मंत्रालय में काम कर चुका है। वहीं शिवम सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता है। पुलिस के अनुसार, अभिनव ने अपने नाम से विदेश मंत्रालय के सेक्शन अधिकारी का फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बनवा रखा था।
रोजा की तलाश, होटल कर्मचारियों से फिर पूछताछ
पुलिस अब दुनिया की सहेली रोजा की तलाश कर रही है। साथ ही होटल कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ की जा रही है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर अन्य विदेशी युवतियों और आरोपियों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले में एफआरआरओ से भी संपर्क किया है। दुनिया के भारत में रहने, वीजा की अवधि और दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



