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‘देख भाई देख’ से ‘क्लोज-अप अंताक्षरी’ तक, 90s के वो यादगार शोज, जिनकी आज भी नहीं हुई कोई बराबरी

90s का दौर भारतीय टीवी का गोल्डन एरा माना जाता है। उस समय के कई शोज आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। उस वक्त कई फैमिली शोज, म्यूजिकल शोज आते थे। उन कार्यक्रमों ने हर घर में अपनी खास जगह बनाई थी।

‘देख भाई देख’ से ‘क्लोज-अप अंताक्षरी’ तक, 90s के वो यादगार शोज, जिनकी आज भी नहीं हुई कोई बराबरी
‘देख भाई देख’ से ‘क्लोज-अप अंताक्षरी’ तक, 90s के वो यादगार शोज, जिनकी आज भी नहीं हुई कोई बराबरी

यही वजह है कि सालों बाद भी इन शोज का जादू कम नहीं हुआ और आज तक इनके जैसा मनोरंजन दोबारा देखने को नहीं मिला। आज हम उन शोज के बारे में बताकर 90 के दशक के लोगों की यादें ताजा करने वाले हैं। आइये जानते हैं वो कौन से शोज थे।

चंद्रकांता

‘चंद्रकांता’ 90 के दशक का एक बेहद लोकप्रिय फैंटेसी और रोमांटिक टीवी शो था, जिसकी शुरुआत 1994 में हुई थी। यह सीरियल दूरदर्शन पर प्रसारित होता था और देवकी नंदन खत्री के मशहूर उपन्यास ‘चंद्रकांता’ पर आधारित था।

शो की कहानी राजकुमारी चंद्रकांता और राजकुमार वीरेंद्र सिंह की प्रेम कहानी के इर्दगिर्द घूमती थी, जिसमें जादू, तिलिस्म, षड्यंत्र और रोमांच का जबरदस्त मेल देखने को मिलता था। इसकी रहस्यमयी दुनिया और तिलिस्मी किरदारों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया था।

क्लोजअप अंताक्षरी

‘क्लोजअप अंताक्षरी’ 90 के दशक का सबसे लोकप्रिय म्यूजिकल गेम शो माना जाता है, जिसकी शुरुआत 1993 में हुई थी। यह शो जी टीवी पर प्रसारित होता था और हर उम्र के दर्शकों के बीच बेहद मशहूर था।

शो में दो टीमों के बीच बॉलीवुड गानों की अंताक्षरी खेली जाती थी। मजेदार गेम्स, म्यूजिक और शानदार होस्टिंग ने इसे फैमिली एंटरटेनमेंट का बड़ा हिस्सा बना दिया था। उस दौर में परिवार एक साथ बैठकर यह शो देखना पसंद करते थे।

अलिफ लैला

‘अलिफ लैला’ 90 के दशक का एक बेहद लोकप्रिय फैंटेसी शो था, जो अरेबियन नाइट्स यानी ‘हजार एक रातों’ की मशहूर कहानियों पर आधारित था। यह सीरियल दूरदर्शन पर प्रसारित होता था और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के बीच काफी पसंद किया जाता था।

शो में जादुई दुनिया, जिन्न, शहजादे, तलवारबाजी और रहस्यमयी कहानियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलता था। हर एपिसोड में नई कहानी और रोमांच दर्शकों को टीवी से बांधे रखता था।

हम पांच

‘हम पांच’ 90 के दशक का एक बेहद लोकप्रिय फैमिली कॉमेडी शो था, जिसकी शुरुआत 1995 में हुई थी। यह शो जी टीवी पर प्रसारित होता था और अपने अनोखे हास्य के कारण घरघर में मशहूर हो गया था।

शो की कहानी आनंद माथुर और उनकी पांच बेटियों के इर्दगिर्द घूमती थी। हर बेटी का अलग स्वभाव और उनकी मजेदार हरकतें दर्शकों को खूब हंसाती थीं। परिवार के बीच होने वाली नोकझोंक और कॉमिक सिचुएशंस इस शो की सबसे बड़ी ताकत थीं।

देख भाई देख

‘देख भाई देख’ 90 के दशक का बेहद लोकप्रिय हिंदी सिटकॉम था, जो पहली बार 1993 में टीवी पर प्रसारित हुआ था। यह शो दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर आता था और बाद में इसके रीरन भी काफी पसंद किए गए।

शो की कहानी मुंबई में रहने वाले दीवान परिवार के इर्दगिर्द घूमती थी, जहां एक संयुक्त परिवार में प्यार, नोकझोंक और कॉमेडी का शानदार मिश्रण देखने को मिलता था। उस दौर में फैमिली एंटरटेनमेंट के लिए यह शो लोगों की पहली पसंद बन गया था।

श्रीमान श्रीमती

‘श्रीमान श्रीमती ‘ 90 के दशक का बेहद मशहूर कॉमेडी शो था, जिसकी शुरुआत 1994 में हुई थी। यह शो दूरदर्शन और बाद में कई अन्य चैनलों पर प्रसारित हुआ। पड़ोसियों के बीच होने वाली मजेदार नोकझोंक और गलतफहमियों पर आधारित इस सीरियल ने दर्शकों को खूब हंसाया था।

शो की कहानी दो पड़ोसी कपल्स के इर्दगिर्द घूमती थी, जहां पति अपनी पत्नी छोड़कर पड़ोसन की तारीफ करते रहते थे, और इसी वजह से कई मजेदार स्थितियां पैदा होती थीं। हल्केफुल्के हास्य और शानदार टाइमिंग ने इसे 90s के सबसे यादगार सिटकॉम्स में शामिल कर दिया।

व्योमकेश बक्शी

‘व्योमकेश बक्शी ‘ 90 के दशक का एक बेहद लोकप्रिय थ्रिलर और डिटेक्टिव शो था, जिसकी शुरुआत 1993 में हुई थी। यह सीरियल दूरदर्शन पर प्रसारित होता था और मशहूर लेखक शरदिंदु बंद्योपाध्याय की जासूसी कहानियों पर आधारित था।

शो में रजित कपूर ने जासूस ‘व्योमकेश बक्शी’ का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। उनकी शांत सोच, तेज दिमाग और हर केस को सुलझाने का अंदाज इस शो की सबसे बड़ी खासियत बना।

इस सीरियल का निर्देशन बासू चटर्जी ने किया था। हर एपिसोड में नया रहस्य, सस्पेंस और दमदार कहानी देखने को मिलती थी, जिसने इसे भारतीय टीवी के सबसे बेहतरीन डिटेक्टिव शोज में शामिल कर दिया।

शक्तिमान

‘शक्तिमान’ भारत का पहला सुपरहीरो टीवी शो माना जाता है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी। यह सीरियल दूरदर्शन पर प्रसारित होता था और 2005 तक चला। 90s के बच्चों के बीच इसकी लोकप्रियता जबरदस्त थी।

शो की कहानी शक्तिमान नाम के एक सुपरहीरो पर आधारित थी, जो बुराई से लड़कर लोगों की रक्षा करता था। शक्तिमान का असली नाम गंगाधर था, जो एक साधारण फोटोग्राफर के रूप में जिंदगी बिताता था। “अंधेरा कायम रहे” और “शक्तिमान!” जैसे डायलॉग उस दौर में काफी मशहूर हो गए थे।

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