भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है. घरेलू इकोनॉमी की ग्रोथ से जुड़े GDP आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका के रोजगार आंकड़ों समेत कई बड़े फैक्टर्स बाजार की दिशा तय करेंगे. इसके अलावा वाहन बिक्री, PMI, GST कलेक्शन, विदेशी निवेशकों की खरीदबिक्री और रुपये की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी. बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू इंडिकेटर वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही यानी अप्रैलजून के GDP आंकड़े होंगे.

ये आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए जाएंगे. इससे निवेशकों को पता चलेगा कि देश की इकोनॉमिक एक्टिविटी किस रफ्तार से बढ़ रही है. अगर GDP आंकड़े बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहते हैं तो इसका असर शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर पॉजिटिव पड़ सकता है. वहीं, कमजोर आंकड़े इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ा सकते हैं. कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए बड़ा रिस्क बनी हुई हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एनर्जी कीमतों और ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है. तेल महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है.
अमेरिका के रोजगार आंकड़े बताएंगे फेड का अगला कदम
ग्लोबल मार्केट के लिए इस हफ्ते सबसे अहम इंडिकेटर अमेरिका के अगस्त नॉनफार्म पेरोल यानी NonFarm Payrolls के आंकड़े होंगे. ये आंकड़े 4 सितंबर को जारी होने हैं. इन आंकड़ों से यह अंदाजा लगेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है. मजबूत रोजगार आंकड़े ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को कमजोर कर सकते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े रेट कट की संभावना बढ़ा सकते हैं. इसका असर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के फ्लो पर पड़ सकता है.
FPI निवेश और रुपये की चाल भी अहम
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अगस्त में अब तक भारतीय शेयरों में करीब 30,919 करोड़ रुपये लगा चुके हैं. यह लगातार दूसरा महीना है जब FPI भारतीय बाजार में नेट बायर रहे हैं. इसलिए अगले हफ्ते विदेशी निवेशकों की खरीदबिक्री बाजार की दिशा के लिए काफी अहम रहेगी. इसके अलावा अगस्त के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI, GST कलेक्शन, फॉरेक्स रिजर्व और रुपये की चाल भी बाजार के लिए बड़े संकेत देंगे. वाहन बिक्री के आंकड़े भी कंपनियों और ऑटो सेक्टर के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं. पिछले हफ्ते सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35% और निफ्टी 76.35 अंक यानी 0.31% गिरा था. ऐसे में अगले हफ्ते घरेलू और ग्लोबल फैक्टर्स के बीच बाजार किस दिशा में जाता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी.



