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​Ganesh Chaturthi: करियर में सफलता और बाधा निवारण के लिए जरूर करें इन 5 गणेश मंत्रों का जाप

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर को मनाया जा रहा है। भद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। इस दिन साधक व्रत रखते हैं, घर में बप्पा का प्रतिमा को स्थापित करते हैं। विधिवत रुप से गणेश जी की पूजा की जाती है।अगर आप पूजा के साथ सही मंत्रों का उच्चरण करें, तो भगवान गणेश बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। यदि आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और सफलता चाहते हैं, तो इस बार गणेश चतुर्थी पर अपनी जरुरत के अनुसार, इन 5 मंत्रों का जप करें।

​Ganesh Chaturthi: करियर में सफलता और बाधा निवारण के लिए जरूर करें इन 5 गणेश मंत्रों का जाप

गणेश जी का मूल मंत्र

मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।

यह मंत्र श्री गणेश जी का सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है। जब भी आप कोई भी नया कार्य शुरु करें या फिर जीवन में बारबार रुकावटें आ रही हैं, तो इस मंत्र का जप करें। इससे कार्यक्षेत्र की सभी बाधाएं दूर होगी और सफलता का मार्ग में अपने प्रशस्त हो जाते हैं।

लक्ष्मीविनायक मंत्र

मंत्र: ऊँ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

यदि आप काफी समय से आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो गणेश चतुर्थी के दिन इस मंत्र का जप करना काफी लाभदायक रहने वाला है। इसके प्रभाव से भगवान गणेश के साथसाथ मां लक्ष्मी की कृपा भी बनीं रहती है और घर में धनधान्य की कभी कमी नहीं होती है।

 विघ्न नाशक मंत्र

मंत्र: ॐ वक्रतुण्डाय हुं।

अगर आपके जीवन में बड़ी मुसीबतों से परेशान हैं और आपको अज्ञात भय को खत्म करना चाहते हैं, तो इस मंत्र का जप करें। वैसे शास्त्रों में इसके 6 लाख जप का विधान है, लेकिन गणेश चतुर्थी के मौके पर 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करने से भी शुभ फल मिलते हैं।

गणेश गायत्री मंत्र

मंत्र:  ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंति प्रचोदयात्।

विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्य करने वाले लोगों के लिए यह मंत्र काफी लाभदायक सिद्ध होगा। इसका जाप करने से एकाग्रता बढ़ती है, ज्ञान में वृद्धि होती है और करियर में नए आयाम हासिल होते हैं।

ऋण मोचन मंत्र

मंत्र: ॐ गणेश ऋणं छिंधि वरं हुं नमः फट्।

यदि आपके ऊपर काफी कर्ज है और आपके पैसे रुके नहीं हैं, तो इस ऋण मुक्ति मंत्र का जप करें। इस मंत्र के उच्चारण से आर्थिक स्थिति धीरेधीरे मजबूत होने लगती है और कर्ज के बोझ भी समाप्त होने लगता है।

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