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Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार इन आदतों को आज ही छोड़ दें, वरना बाद में पड़ेगा पछताना

Satya Report: Garud Puran Niyam: गरुड़ पुराण को 18 महापुराणों में से एक माना जाता है। इसमें मृत्यु, परलोक, स्वर्ग और नर्क की बातें बताई गई हैं। गरुड़ पुराण को किसी की मृत्यु के बाद पढ़ा जाता है। इसमें मृत्यु, यमलोक की यात्रा, नर्क के कष्ट और श्राद्ध कर्म के महत्व का वर्णन है। इसके अलावा इसमें जीवन जीने के नियम, सदाचार, योग, विष्णु भक्ति और आयुर्वेद के बारे में विस्तार से बताया गया है। आमतौर पर लोग गरुड़ पुराण को घर में रखने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह केवल मृत्यु से जुड़ा है। लेकिन विद्वानों के अनुसार, इसे पढ़ने का उद्देश्य ‘जीवन को सुधारना’ है ताकि मृत्यु के समय कष्ट न हो। यह ‘मृत्यु का डर’ नहीं बल्कि ‘धर्म का मार्ग’ दिखाने वाला ग्रंथ है। 

Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार इन आदतों को आज ही छोड़ दें, वरना बाद में पड़ेगा पछताना
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार इन आदतों को आज ही छोड़ दें, वरना बाद में पड़ेगा पछताना

गरुड़ पुराण में कई नीतियां बताई गई हैं जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सुखी और सफल बना सकता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, ये आदतें व्यक्ति को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकती है। ऐसे में वक्त रहते व्यक्ति को संभल जाना चाहिए वरना बाद में उन्हें पछताना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि वो गरुड़ पुराण के नियमों के बारे में।

1. गुस्सा

 गरुड़ पुराण में भी क्रोध को नियंत्रित करने की बात कही गई है। अधिक गुस्सा करने से रिश्ते टूट जाते हैं इतना ही नहीं जीवन में मिलने वाले अवसर भी खो जाते हैं। गुस्सा व्यक्ति का स्वास्थ्य भी बिगाड़ सकता है। अगर व्यक्ति अपने गुस्से यानी क्रोध पर नियंत्रण रखना सीख जाए तो वह जीवन में आसानी से सफल हो सकता है। जो भी व्यक्ति अपने गुस्से पर काबू पा लेता है वह जीवन में सदैव सुखी और सफल बना रहता है।

2. डर और असुरक्षा

गरुड़ पुराण के अनुसार, असुरक्षा की भावना व्यक्ति की सबसे बड़ी कमजोरी है। अगर किसी भी व्यक्ति के मन में डर और असुरक्षा हमेशा बनी रहती है तो वह कभी कोई भी फैसला सही नहीं ले पाता है। ऐसे व्यक्ति को हर काम में संदेह बना रहता है और वह कभी भी आगे नहीं बढ़ पाता है। गरुड़ पुराण के मुताबिक, ऐसे व्यक्ति को ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए तभी उसके अंदर आत्मविश्वास आएगा और असुरक्षा की भावना भी दूर होगी।

3. अहंकार

कहते हैं अंहकार तो रावण का भी नहीं टिक सका तो आम व्यक्ति क्या चीज है। गरुड़ पुराण में भी कहा गया है कि जो व्यक्ति स्वयं को सबसे बड़ा और दूसरों को छोटा समझता है वह कभी सफल नहीं बन सकता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, अहंकार व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु होता है। अहंकार रिश्तों में कड़वाहट तो लाता है साथ ही अंत में पतन का कारण भी बनता है। इसलिए व्यक्ति को कभी भी किसी भी बात का अहंकार नहीं करना चाहिए।

4. अधूरी जानकारी

गरुड़ पुराण के अनुसार, अधूरा ज्ञान सबसे अधिक खतरनाक होता है।  अगर व्यक्ति किसी विषय में अधूरा ज्ञान या जानकारी रखता है तो वह गलत फैसला लेता है और फिर बाद में पछताता है। गरुड़ पुराण के मुताबिक, जितना भी समय लगे लेकिन व्यक्ति को पूरा ज्ञान अर्जित करना चाहिए। वरना अधूरा ज्ञान जीवन में कई तरह की बड़ी परेशानियां लेकर आता है।

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