सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. भारतीय रिजर्व बैंक ने SGB 202021 सीरीजVIII के समय से पहले रिडेम्पशन का प्राइस घोषित कर दिया है. इस बॉन्ड को नवंबर 2020 में खरीदने वाले निवेशकों को अब करीब 212% का शानदार रिटर्न मिलने जा रहा है. RBI के अनुसार निवेशक 18 मई 2026 से इस बॉन्ड को समय से पहले भुना सकेंगे. खास बात यह है कि 1 लाख रुपये का निवेश अब बढ़कर लगभग 3.12 लाख रुपये हो गया है.

कितना तय हुआ रिडेम्पशन प्राइस?
RBI ने बताया कि SGB 202021 SeriesVIII का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस 16,012 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है. यह कीमत 13, 14 और 15 मई 2026 को 999 शुद्धता वाले सोने के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय हुई है. यह बॉन्ड नवंबर 2020 में ऑनलाइन निवेशकों को 5,127 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर जारी किया गया था. वहीं ऑफलाइन निवेशकों के लिए इसकी कीमत 5,177 रुपये प्रति ग्राम थी.
कैसे मिला 212% का रिटर्न?
अगर किसी निवेशक ने ऑनलाइन माध्यम से 5,127 रुपये में एक यूनिट खरीदी थी और अब उसे 16,012 रुपये मिल रहे हैं, तो उसका सीधा फायदा 10,885 रुपये प्रति यूनिट बैठता है.
रिटर्न की गणना इस तरह हुई
फायदा: 16,012 5,127 = 10,885 रुपये
प्रतिशत रिटर्न: 10,885 ÷ 5,127 × 100 = 212.30%
यानी अगर किसी व्यक्ति ने उस समय 1 लाख रुपये निवेश किए होते, तो अब उसकी रकम करीब 3.12 लाख रुपये हो जाती. इसमें मिलने वाला सालाना ब्याज शामिल नहीं है.
क्या होता है SGB?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड केंद्र सरकार की ओर से जारी किया जाने वाला निवेश विकल्प है, जिसे RBI जारी करता है. यह फिजिकल गोल्ड खरीदने का विकल्प माना जाता है. इसमें निवेशक को सोना घर में रखने की जरूरत नहीं पड़ती और सुरक्षा की चिंता भी नहीं रहती. इन बॉन्ड्स की कीमत सोने के ग्राम के हिसाब से तय होती है. मैच्योरिटी पर निवेशक को उस समय के सोने के बाजार भाव के अनुसार पैसा मिलता है.
ब्याज का भी मिलता है फायदा
SGB सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने का फायदा ही नहीं देता, बल्कि इसमें निवेशकों को सालाना 2.5% का फिक्स ब्याज भी मिलता है. यह ब्याज हर छह महीने में सीधे बैंक खाते में जमा किया जाता है.
निवेश की क्या है सीमा?
SGB में न्यूनतम निवेश 1 ग्राम सोने के बराबर किया जा सकता है. वहीं एक व्यक्ति अधिकतम 4 किलो सोने तक निवेश कर सकता है. HUF के लिए भी यही सीमा है, जबकि ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं के लिए अधिकतम सीमा 20 किलो तय की गई है.



