विदेश में काम करने वाले भारतीयों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. देश के दो बड़े प्राइवेट बैंक—HDFC और ICICI ने अनिवासी भारतीयों की एफडी पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. यह बढ़ोतरी खास तौर पर विदेशी मुद्रा वाले डिपॉजिट पर की गई है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब एनआरआई अपनी विदेशी कमाई को भारत के बैंकों में रखकर पहले से ज्यादा और टैक्सफ्री मुनाफा कमा सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें डॉलर और रुपये के रेट बदलने का कोई जोखिम नहीं रहता.

ब्याज दरें बढ़ने की असल वजह
बैंकों ने यह फैसला अपने मन से नहीं लिया है, बल्कि इसके पीछे रिजर्व बैंक की एक बड़ी राहत है. दरअसल, जून में आरबीआई ने तय किया था कि तीन से पांच साल तक की विदेशी मुद्रा वाली एफडी पर जो भी ‘हेजिंग कॉस्ट’ आएगा, उसे इस साल 30 सितंबर तक सरकार खुद उठाएगी. बैंकों का यह खर्च बचा, तो उन्होंने इसका सीधा फायदा अपने ग्राहकों को देने का फैसला किया. इसी वजह से दोनों बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में 0.25% का इजाफा कर दिया है.
HDFC बैंक में निवेश पर रिटर्न का हिसाब
HDFC बैंक ने 1 अगस्त 2026 से अपनी नई दरें लागू कर दी हैं. अब अगर आप 3 से 5 साल तक के लिए पैसे फिक्स करते हैं, तो आपको 6.25% का मोटा ब्याज मिलेगा. अगर अवधि कम है, जैसे 1 से 2 साल, तो 3.50% और 2 से 3 साल के लिए 3.25% ब्याज तय किया गया है. बैंक ने यह भी साफ किया है कि 10 जून से 30 सितंबर 2026 के बीच जो भी 3 से 5 साल वाली एफडी खुलेगी, उस पर एक साल का लॉकइन पीरियड रहेगा. यानी एक साल तक आप पैसा नहीं निकाल पाएंगे. अगर आप नेटबैंकिंग से एफडी बुक करते हैं, तो इसे चालू होने में दो वर्किंग डे का समय लग सकता है.
ICICI बैंक के नए रेट
ICICI बैंक ने भी 3 अगस्त 2026 से अपने रेट बदल दिए हैं. यह बैंक 3 से 5 साल की एफडी पर 6.25% का ब्याज दे रहा है, लेकिन इसके लिए जमा रकम 4 लाख डॉलर या उससे ज्यादा होनी चाहिए. अगर रकम 4 लाख डॉलर से कम है, तो इसी समय के लिए 6.00% का रिटर्न मिलेगा. वहीं, 1 से 3 साल की एफडी पर बैंक 3.85% का ब्याज दे रहा है.
समय से पहले पैसा निकालने के नियम
ICICI बैंक ने समय से पहले पैसा निकालने को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है. अगर आपकी एफडी 1 से 3 साल की है और आप 12 महीने पूरे होने से पहले ही पैसा निकाल लेते हैं, तो आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा. 12 महीने बाद पैसा निकालने पर आपको तय ब्याज मिल जाएगा और कोई पेनाल्टी भी नहीं लगेगी. लेकिन, 3 से 5 साल वाली लंबी एफडी पर नियम थोड़े सख्त हैं. इनमें भी एक साल का लॉकइन है. एक साल पूरा होने के बाद अगर आप एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक 1% की पेनाल्टी काटेगा और बाकी बचे समय के हिसाब से आपको ब्याज का भुगतान कर देगा.


