
- फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ी ग्राम पंचायत की तिजोरी, कागजों पर चमकीं सड़कें और धरातल पर धूल
- बीडीओ शिरीष गुप्ता का बड़ा एक्शन, सोमवार को गठित होगी विशेष जांच समिति
- ग्रामीणों की उम्मीदें परवान पर, घपलेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आस
सीतापुर। सकरन के देहात इलाके में विकास के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का एक और बड़ा खेल सामने आया है। ग्राम पंचायत कल्ली में विकास कार्यों के नाम पर हुए कथित फर्जी भुगतान के मामले ने अब इतना तूल पकड़ लिया है कि प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
मीडिया में खबर आते ही सकरन के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शिरीष गुप्ता फौरन हरकत में आ गए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ प्रारंभिक सुनवाई पूरी कर ली है, बल्कि पूरे खेल की परतें उघाड़ने के लिए एक विस्तृत जांच का भी ऐलान कर दिया है।
कागजों पर हुआ रोड़ा-रवीश का काम
हकीकत यह है कि पिछले कई महीनों से ग्राम पंचायत कल्ली में विकास के बड़े-बड़े दावे कर सरकारी खजाने से जमकर भुगतान उठाए जा रहे थे। इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा संदिग्ध मामला रोड़ा-रवीश डालने और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर किए गए भुगतानों का है, जिसे लेकर अब ग्रामीणों ने खुलकर बगावत कर दी है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अफसरों और ठेकेदारों की जुगलबंदी ने रोड़ा-रवीश के नाम पर मोटी रकम तो डकार ली, लेकिन जब जमीन पर जाकर देखा जाता है तो विकास का कोई नामोनिशान तक नजर नहीं आता। सरकारी धन की इस खुलेआम लूट ने पूरी पंचायत व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सोमवार से शुरू होगा जांच का चक्रव्यूह
इस पूरे घपले पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए बीडीओ शिरीष गुप्ता ने साफ कर दिया है कि मामला संज्ञान में आते ही इसकी शुरुआती कड़ियों को जोड़ लिया गया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि सोमवार को एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया जाएगा, जो इस पूरे प्रकरण की बिंदुवार कुंडली खंगालेगी। प्रशासन की यह जांच सिर्फ हाल-फिलहाल के भुगतानों तक ही सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि पिछले कई महीनों में हुए हर एक संदिग्ध भुगतान और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का लाइव सत्यापन कराया जाएगा। अब देखना यह है कि इस जांच की आंच में कौन-कौन से सफेदपोश और कर्मचारी झुलसते हैं।
इधर, ग्रामीणों को भी पूरी उम्मीद है कि इस बार जांच निष्पक्ष होगी और जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले भ्रष्टाचारियों को उनके सही मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।



