Tempsens Instruments IPO: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद शानदार मौका आने वाला है. अगर आप भी किसी मजबूत आईपीओ में पैसा लगाकर अच्छी कमाई करने का विचार कर रहे हैं, तो 20 अगस्त की तारीख आपके लिए अहम हो सकती है. थर्मल इंजीनियरिंग और खास तरह के केबल बनाने वाली जानीमानी कंपनी ‘टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स’ अपना आईपीओ लेकर आ रही है. बाजार में इस इश्यू के खुलने से पहले ही निवेशकों के बीच इसकी भारी चर्चा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.

क्या संकेत दे रहा है ग्रे मार्केट?
शेयर बाजार में किसी भी आईपीओ की असली हवा का पता उसके ग्रे मार्केट प्रीमियम से लगता है. टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के मामले में यह प्रीमियम काफी उत्साहजनक है. इन्वेस्टरगेन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस शेयर का जीएमपी 168 रुपये तक पहुंच गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी ने जो अपर प्राइस बैंड तय किया है, उस पर करीब 56 फीसदी के प्रीमियम की उम्मीद की जा रही है. वहीं, आईपीओ वॉच ने भी इसे 51.33 फीसदी के करीब बताया है.
कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 285 रुपये से 300 रुपये के बीच तय किया है. यदि हम 300 रुपये के अपर प्राइस बैंड को आधार मानें और मौजूदा 168 रुपये का जीएमपी बरकरार रहता है, तो यह शेयर बाजार में 468 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है.
नोट कर लें ये जरूरी तारीखें
अगर आप इस इश्यू में दांव लगाने का मन बना रहे हैं, तो कुछ अहम तारीखों को ध्यान में रखना जरूरी है. यह आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 20 अगस्त को खुलेगा. आप 24 अगस्त तक इसमें अपना पैसा लगा सकेंगे. वहीं, बड़े यानी एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग एक दिन पहले, 19 अगस्त को ही खुल जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया के बाद 28 अगस्त को कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने की संभावना है. कंपनी इस पूरे इश्यू के जरिए बाजार से कुल 650 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है.
क्या करती है कंपनी
किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका कामकाज जानना सबसे जरूरी होता है. टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स की शुरुआत साल 1990 में हुई थी. यह कंपनी मुख्य रूप से उद्योगों के लिए कस्टमाइज्ड टेम्परेचर सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस तथा स्पेशलाइज्ड केबल बनाती है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कॉन्टैक्ट तथा नॉनकॉन्टैक्ट दोनों तरह के सेंसर शामिल हैं, जो अलगअलग इंडस्ट्रियल सेक्टर की जरूरतों को पूरा करते हैं.
अआईपीओ से मिलने वाले रुपये का कंपनी क्या करेगी?
कंपनी इस भारीभरकम रकम का इस्तेमाल अपने व्यापार को और आगे बढ़ाने में करने वाली है. इसमें इलेक्ट्रिकल हीटिंग तथा केबल बिजनेस में होने वाला पूंजीगत निवेश शामिल है. इसके साथ ही, कंपनी अपने ऊपर मौजूद कुछ पुराने कर्ज को भी चुकाएगी. बाकी बची हुई रकम को सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.



