
पंजाब के अपराध इतिहास में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जिनका जिक्र आज भी लोगों को सिहरने पर मजबूर कर देता है. ऐसा ही एक नाम है बेबी किलर के नाम से कुख्यात दरबारा सिंह का. वह मासूम बच्चों को कैंडी और टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले जाता थी.
साथ ले जाने के बाद वह दरिंदा बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न करता और सबूत मिटाने के लिए उनकी बेरहमी से हत्या कर देता. पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. आखिर कौन था दरबारा सिंह और कैसे वह पंजाब के सबसे कुख्यात सीरियल किलर्स में शामिल हो गया. चलिए विस्तार से जानें पूरी कहानी.
कौन था दरबारा सिंह उर्फ बेबी किलर?
कहानी 1952 में शुरू होती है, जब इस बेरहम दरबारा सिंह का जन्म पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर के पास ब्यास नदी में हुआ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद, दरबारा सिंह 1975 में इंडियन एयर फ़ोर्स में शामिल हो गए और पठानकोट के एयर फ़ोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग हुई. कुछ साल बाद, दरबारा पर एक मेजर के परिवार पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का आरोप लगा, हालांकि बाद में उन्हें इस केस में बरी कर दिया गया.
1996 में किया पहला जुर्म
दरबारा सिंह का नाम पहली बार 1996 में सामने आया था. यह केस कपूरथला में एक लड़की के रेप और मर्डर से जुड़ा था. 1997 में, कोर्ट ने दरबारा को तीन और रेप के लिए 30 साल जेल की सज़ा सुनाई. वह कई साल जेल में रहे, लेकिन 2003 में उनके अच्छे कामों को पहचान मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हालांकि दरबारा सिंह जेल में अच्छे काम कर रहे थे, लेकिन उनके मन में बदला लेने की इच्छा थी. बदला ही उनके जेल जाने का कारण था. असल में, जैसे ही वह जेल में गए, उनके मन में यह ख्याल बार-बार आने लगा कि उन्हें उस माइग्रेंट लेबर की वजह से जेल हुई है.
कैंडी का लालच दे बनाता था बच्चों को शिकार
25 अक्टूबर 2004 को साइकिल चलाने वाला आदमी दरबारा सिंह कैंडी से भरा बैग लेकर सड़कों पर घूम रहा था. उसने सड़क पर एक 6 साल की बच्ची को खेलते हुए देखा. दरबारा उस मासूम बच्ची को ले गया. शाम को बच्ची के परिवार ने पुलिस में उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. शुरुआत में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लगा, लेकिन आने वाले महीनों में इसी तरह कई बच्चे गायब होने लगे. पुलिस को संदेह हुआ कि इन घटनाओं के पीछे कोई एक ही व्यक्ति है.
अप्रैल 2005 तक, लापता बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही थी. जांच के बाद, पुलिस को दरबारा के खिलाफ ठोस सबूत मिले और उसने उसे गिरफ्तार कर लिया. इस समय तक, बेबी किलर नाम लोगों के लिए डर का कारण बन गया था. वह अपने शिकार को पीट-पीटकर मार डालता था और फिर उनका गला काट देता था.
17 बच्चों का उत्पीड़न कर मौत के घाट उतारा
जैसे-जैसे इस केस की परतें खुलती गईं, पुलिस हैरान रह गई. उनके पैरों तले जमीन खिसक गई जब दरबारा सिंह ने 17 मासूम बच्चों के साथ गलत काम करने की बात कबूल की. दरबारा ने बताया कि लड़कियों को टॉर्चर करने के बाद, वह उनकी लाशों को खडूर साहिब में राया नाम की जगह पर दफना देता था.
इन 17 मासूम बच्चों में से 15 लड़कियां और 2 लड़के थे. उसने यह भी बताया कि वह बच्चों को मारने से पहले उनका यौन उत्पीड़न करता था. बाद में, जब बच्चे बहुत अधमरे हो जाते, तो वह उन्हें मार देता था.
पत्नी ने ‘बेबी किलर’ की बॉडी लेने से मना कर दिया
कुख्यात दरबारा सिंह को 7 जनवरी, 2008 को मौत की सज़ा सुनाई गई थी. हालांकि, 2009 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सज़ा पलट दी, और वह पटियाला सेंट्रल जेल में उम्रकैद काटता रहा. इसके बाद, यह बेरहम आदमी जेल में बीमार पड़ गया और 2018 में उसे एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
गौरतलब है कि दरबारा सिंह की एक पत्नी और एक बेटी भी थी, जिन्होंने उसकी मौत के बाद उसकी बॉडी लेने से मना कर दिया था. उसकी बॉडी लगभग चार दिनों तक राजिंदरा हॉस्पिटल में बिना छुए पड़ी रही, जिससे जेल अधिकारियों को उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा.



