
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। उसके गले पर निशान मिलने के बाद मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोगों के घर से चले जाने की बात भी सामने आई है। गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद ससुराल के मुख्य दरवाजे के सामने ही गुंजा का अंतिम संस्कार कर दिया।
जनवरी में हुआ था प्रेम विवाह
जानकारी के अनुसार, गुंजा की शादी इसी साल 23 जनवरी को रजवाड़ा डीह गांव के रहने वाले कुंदन कुमार से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, दोनों ने प्रेम विवाह किया था। हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद गुंजा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। मायके वालों का कहना है कि वे आने वाले त्योहार पर बेटी को कुछ सामान देने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की खबर मिल गई।
आधी रात को मिली सूचना, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार को कथित तौर पर रात करीब 12 बजे घटना की जानकारी मिली। मायके पक्ष का आरोप है कि जब वे ससुराल पहुंचे, तो वहां का माहौल संदिग्ध था और ससुराल के लोग मौके से चले गए। गुंजा के गले पर गहरे निशान मिलने के बाद परिजनों ने उसकी मौत को लेकर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार ने ससुराल के मुख्य दरवाजे के सामने ही अंतिम संस्कार किया। इस घटनाक्रम से इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बन गया।
पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
गुंजा के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति कुंदन कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या से संबंधित प्राथमिकी दर्ज की है। नामजद लोगों में चंदन पासवान, प्रियंका और सुलेखा के नाम भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, गुंजा की मौत हत्या थी या आत्महत्या, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सतर्कता सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। मौत के कारण और लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्षों से होगी। आरोपों को अभी सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।



