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HCL Tech Share Crash: IT दिग्गज के शेयरों में 11 साल की सबसे बड़ी गिरावट, क्या निवेशकों को अब बेच देने चाहिए शेयर?

Satya Report: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए आज का दिन आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCLTech) की तरफ से एक बेहद चिंताजनक खबर लेकर आया. कंपनी के शेयरों में 10 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो अक्टूबर 2015 के बाद यानी पिछले 11 सालों में इंट्रा-डे के दौरान सबसे बड़ा क्रैश है. इस बिकवाली के पीछे मुख्य वजह कंपनी के मार्च तिमाही के निराशाजनक नतीजे और भविष्य को लेकर जारी किया गया कमजोर गाइडेंस है. निवेशकों के मन में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस आईटी दिग्गज का सुनहरा दौर खत्म हो गया है, या यह निचले स्तर पर खरीदारी का एक मौका है.

HCL Tech Share Crash: IT दिग्गज के शेयरों में 11 साल की सबसे बड़ी गिरावट, क्या निवेशकों को अब बेच देने चाहिए शेयर?
HCL Tech Share Crash: IT दिग्गज के शेयरों में 11 साल की सबसे बड़ी गिरावट, क्या निवेशकों को अब बेच देने चाहिए शेयर?

16 साल में पहली बार मुनाफे पर ब्रेक

मार्च 2026 तिमाही के जो कारोबारी आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने दलाल स्ट्रीट की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 3.3% की गिरावट आई है, जबकि विश्लेषकों ने केवल 1% की कमी का अनुमान लगाया था. इसके अलावा, कंपनी का मार्जिन भी 16.5% पर सिमट गया, जो 17.6% के अनुमान से काफी कम है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 16 वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी पूरे वित्त वर्ष में कंपनी के सालाना मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है.

कंपनी अपने ही रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस (4% से 4.5%) को हासिल करने में नाकाम रही और पूरे साल की ग्रोथ महज 3.9% पर अटक गई. जबकि इससे पहले दिसंबर तिमाही में कंपनी ने अपने अनुमान को बढ़ाया था. नए वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए भी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 1% से 4% के बीच रखा गया है, जो बाजार के 3% से 6% के अनुमान से काफी नीचे है.

ब्रोकरेज फर्मों ने टारगेट प्राइस में की भारी कटौती

इस कमजोर प्रदर्शन के बाद तमाम दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने एचसीएलटेक के शेयरों पर अपना नजरिया बदल लिया है. ‘इनक्रेड’ ने मैनेजमेंट के सतर्क रवैये, स्ट्रक्चरल चुनौतियों और बुकिंग्स में नरमी को देखते हुए अपनी रेटिंग घटाकर ‘रिड्यूस’ कर दी है और टारगेट प्राइस को ₹1616 से सीधे ₹1275 पर ला दिया है.

‘नुवामा’ ने भी रेटिंग को खरीदारी से ‘होल्ड’ करते हुए टारगेट ₹1550 से घटाकर ₹1400 कर दिया है. ‘जेपीमॉर्गन’ ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट ₹1419 से घटाकर ₹1370 तय किया है. जेपीमॉर्गन का मानना है कि टेलीकॉम सेक्टर की कमजोरी और रद्द हुए SAP प्रोजेक्ट्स का असर नए वित्त वर्ष में भी दिखेगा. साथ ही विदेशी मुद्रा मुनाफे को GenAI में निवेश करने से मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश सीमित हो गई है. ‘एचएसबीसी’ ने भी टारगेट प्राइस ₹1480 कर दिया है, जबकि ‘नोमुरा’ ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए अपने टारगेट प्राइस को ₹1700 से ₹1600 कर दिया है और अगले दो सालों (FY27-28) के लिए EPS अनुमान में 5% से 7% तक की कटौती की है.

52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब शेयर शेयर

3 फरवरी 2026 को जो शेयर ₹1,770 के अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर था, वह आज टूटकर ₹1285.05 के स्तर तक आ गया. यह उसके 16 मार्च 2026 को बनाए गए 52-हफ्ते के रिकॉर्ड निचले स्तर (₹1,275.70) के बेहद करीब है. फिलहाल यह शेयर ₹1288.60 (करीब 10.61% की गिरावट) के आसपास संघर्ष कर रहा है. इस भारी उथल-पुथल के बीच बाजार विश्लेषक भी बंटे हुए हैं. शेयर को कवर करने वाले 47 एनालिस्ट्स में से 19 अभी भी इसे खरीदने की सलाह दे रहे हैं, 15 ने ‘होल्ड’ कहा है, जबकि 13 का मानना है कि इसे बेच देना चाहिए.

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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