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पैर में गोली लगी थी,पहरे पर थे 4 जवान पर अस्पताल से फरार हुआ लुटेरा मुन्ना, ढाई घंटे चला ड्रामा

 उत्तर प्रदेश के कानपुर में फिल्मी ड्रामा देखने को मिला, जहां पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ शातिर लुटेरा मुन्ना खान हैलट अस्पताल से फरार हो गया. पैर में गोली लगी होने और चार सिपाहियों का कड़ा पहरा होने के बावजूद मुन्ना दीवार फांदकर सफेद ऑटो से भाग निकला. इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और ढाई घंटे की भारी नाकेबंदी के बाद उसे दोबारा दबोचा गया. लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर अब गाज गिरनी तय है.
कानपुर: पैर में गोली लगी थी,पहरे  पर थे 4 जवान पर अस्पताल से फरार हुआ लुटेरा मुन्ना, ढाई घंटे चला ड्रामा
  • कानपुर में पुलिस ने लूट के आरोपी मुन्ना खान को 17 अप्रैल की रात गोली मारकर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया था
  • पैर में गोली लगने के बावजूद घायल मुन्ना खान ने चार पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और फरार हो गया
  • मुन्ना के फरार होने के बाद पुलिस ने पूरे शहर में सघन नाकेबंदी कर ढाई घंटे की मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार किया

 उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज पुलिस और एक लुटेरे के बीच फिल्मी स्टाइल में भागमभाग देखने को मिली. हुआ यूं कि 16 अप्रैल की एक लूट के मामले में पुलिस ने शातिर अपराधी मुन्ना खान को घेरा था और 17 अप्रैल की रात मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी. जिसके बाद पुलिस ने उसे हैलट अस्पतालमें भर्ती कराया और उसकी चौकसी के लिए चार सिपाही तैनात कर दिए. लेकिन पैर में गोली लगे होने के बाद भी मुन्ना खान पुलिस के इन चार जवानों को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया. इसके बाद पुलिस और एक शातिर लुटेरे के बीच लुका-छिपी का जो ‘ढाई घंटे’ का खेल चला, उसने पूरी फोर्स को चक्कर में डाल दिया.

गोली खाने के बाद भी दिखा ‘सुपरपावर’

कहानी की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई एक लूट से होती है. इसके बाद 17 अप्रैल की रात कानपुर पुलिस ने मुन्ना के पैर में गोली मारकर उसे ‘अहिंसा’ का पाठ पढ़ाया. पुलिस को भरोसा था कि पैर में गोली लगने के बाद मुन्ना अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा अपनी गलतियों का हिसाब करेगा. उसे हैलट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया और सुरक्षा के लिए एक-दो नहीं, बल्कि चार सिपाही तैनात कर दिए गए. लेकिन मुन्ना खान शायद ‘क्रिश’ फिल्म का फैन निकला. पैर में गोली लगी होने के बावजूद उसने उन चार जवानों को ऐसा धता बताया कि अस्पताल से कब ‘नौ दो ग्यारह’ हो गया, किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई.

सफेद ऑटो और पुलिसिया पहरे की दीवार

हैरानी की बात यह है कि जिस घाव की वजह से एक आम इंसान दो कदम न चल पाए, उस घायल पैर के साथ मुन्ना खान ने अस्पताल की दीवारें और पुलिस का सख्त पहरा ऐसे लांघा जैसे वह कोई एथलीट हो. मुन्ना अस्पताल के बाहर निकला और बड़े आराम से एक सफेद ऑटो में बैठकर फरार हो गया. मुन्ना के गायब होते ही पुलिस महकमे में ऐसी खलबली मची कि बड़े अफसरों के पसीने छूट गए और पूरे शहर के वायरलेस सेट गूंजने लगे

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