चंडीगढ़.

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन एथेनॉल और ई20 पेट्रोल को लेकर सदन में लंबी बहस हुई। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ई20 पेट्रोल संबंधी प्रस्ताव पेश करते हुए इसकी खूबियां गिनाईं और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
इस दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि एथेनॉल बनाने वाले भी सदन में बैठे हैं। इस पर कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, “मैं कर्मयोगी हूं, लुटेरा नहीं।” बहस के दौरान कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह ने कहा कि ई20 पेट्रोल से देश के 30 करोड़ वाहन प्रभावित होंगे, जिनमें 22 करोड़ दोपहिया और आठ करोड़ कारें शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे दो साजिशें हैं और केंद्र सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल बाहर से मंगाने जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटों का नाम लेते हुए तीन कंपनियों का भी जिक्र किया और कहा कि जिस इलाके में ऐसी फैक्ट्री लगती है, वहां सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।
मंत्री के बयान पर कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने एतराज जताया। इस पर तरुणप्रीत सिंह ने कहा, “राणा जी, आपको इतनी दर्द क्यों हो रही है? पेट्रोल पंपों पर प्योर पेट्रोल मिलना चाहिए कि नहीं?” राणा गुरजीत सिंह ने जवाब में कहा कि स्पीकर बताएं कि पंजाब में पिछले तीन वर्षों में कितना धान बोया गया और एथेनॉल उद्योग ने कितना उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता न की जाए कि उन्हें घाटा होगा। उन्होंने कहा, “मैं कर्मयोगी हूं, लुटेरा नहीं।” उन्होंने कहा कि एथेनॉल ट्रायल 2001 से चल रहा है और अगर इसे बंद करना है तो सुबह ही बंद कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि पहले वह धागा बनाते थे, फिर चीनी उद्योग में आए और अब एथेनॉल बना रहे हैं। भविष्य में भी दूसरे उद्योग लगाएंगे। उनके अनुसार एथेनॉल की वजह से मक्की 24 रुपये प्रति किलो बिक रही है। बहस में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि एथेनॉल से दवाइयां भी बनती हैं, इसलिए इसे बंद करने का कोई कारण नहीं है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पहले एक सदस्य उनके पास था, अब उनकी संख्या बढ़ गई और कांग्रेस की घट गई।
वहीं कांग्रेस विधायक अवतार सिंह जूनियर ने कहा कि प्रस्ताव अच्छा है, लेकिन इसे रखने का समय उचित नहीं था। उन्होंने पूछा कि पंजाब में अब तक कितनी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां आई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पेट्रोल पर वैट कम किया, जबकि पंजाब सरकार ने दो बार वैट बढ़ाया। यदि केंद्र पंजाब के हित में नहीं है तो राज्य सरकार को भी पेट्रोल के दाम कम करने चाहिए।वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि जिन वाहनों को ई20 पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, उनका पूरा अध्ययन कराया जाए। ऐसे वाहन मालिकों को एथेनॉल रहित पेट्रोल चुनने का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे वाहनों की कार्यक्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाए।
वित्त मंत्री ने कहा कि यदि ई20 पेट्रोल के उपयोग से किसी वाहन में खराबी आती है तो उसके लिए मुआवजे का भी प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पारित प्रस्ताव की प्रति केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, ताकि इस मुद्दे पर आवश्यक निर्णय लिया जा सके। इस दौरान कांग्रेस विधायक जूनियर हेनरी ने कहा कि यह गंभीर विषय है और इस पर विस्तार से विचार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस मामले पर व्यापक चर्चा की मांग रखी। जवाब में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सभी सदस्यों को इस विषय की पूरी जानकारी है और उन्होंने अपनेअपने विचार सदन के समक्ष रखे हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान एथेनॉल और किसानों के हितों का भी उल्लेख किया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि एथेनॉल के निर्माता भी सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थित हैं।
सदन में विभिन्न विभागों और संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे भी पटल पर रखे जाएंगे। इनमें पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की 202223 की वार्षिक रिपोर्ट, डीसिल्टिंग से संबंधित खरीद प्रक्रिया में दी गई छूट का विवरण, पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी की वर्ष 201516 और 201617 की वार्षिक रिपोर्ट तथा पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वर्ष 202122 और 202223 के वार्षिक लेखे शामिल हैं। विधायी कार्य के तहत सरकार पंजाब कामन इंफ्रास्ट्रक्चर संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में विचारार्थ प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही सरकार इसी दिन इस विधेयक को पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेगी। इस प्रकार विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही में स्थानीय समस्याओं पर सरकार से जवाब, विभागीय रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखना और महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पर चर्चा प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
गौरतलब है कि विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था। प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में खाली पड़े शिक्षकों के पदों का मामला जोरदार ढंग से उठा। इसके अलावा विपक्ष ने हालिया पेपर लीक प्रकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सदन में हंगामा किया और मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस तथा स्वास्थ्य मंत्री डा बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष के विरोध के चलते पहले दिन सदन का माहौल काफी गर्म रहा। ऐसे में दूसरे दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच जनहित के मुद्दों के साथसाथ राजनीतिक टकराव जारी रहने के आसार हैं।



