हॉकी इंडिया ने भारतीय जूनियर पुरुष टीम हॉकी टीम के नए हेड कोच के नाम का ऐलान 14 मई को कर दिया जिसमें उन्होंने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पीआर श्रीजेश जो इस जिम्मेदारी को पहले संभाल रहे थे उनकी जगह पर फ्रांस के पूर्व खिलाड़ी फ्रेडरिक सोयेज को ये जिम्मेदारी सौंपी है। श्रीजेश का जूनियर हॉकी टीम के साथ हेड कोच का कार्यकाल करीब डेढ़ साल लंबा रहा था जिसमें उनका अनुबंध पिछले साल चेन्नई और मदुरै में हुए जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में खत्म हो गया था। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। हॉकी इंडिया ने इसके बाद श्रीजेश के कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाया था, लेकिन उन्होंने फिर से हेड कोच बनने के लिए आवेदन किया था लेकिन इस बार उन्हें ये जिम्मेदारी नहीं मिली।

आखिर कौन हैं नए हेड कोच फ्रेडरिक सोयेज
भारतीय जूनियर हॉकी टीम के नए हेड कोच बनाए गए फ्रेडरिक सोयेज को लेकर बात की जाए तो उनकी गिनती यूरोपीय हॉकी के बेहतरीन कोचों में की जाती है जिनको कोचिंग का 15 से अधिक का अनुभव हासिल है। सोयेज ने साल 1995 से लेकर 2010 तक फ्रांस के लिए इंटरनेशनल हॉकी में कुल 196 मुकाबले खेले और उसमें वह 195 गोल करने में कामयाब रहे। इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कहने के बाद सोयेज ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा जिसमें उन्होंने फ्रांस और स्पेन की टीम के लिए इस जिम्मेदारी को निभाया। स्पेन के जब वह कोच थे तो उस समय टीम ने साल 2019 में यूरोपीय चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल को अपने नाम किया था। फ्रेडरिक सोयेज ने साल 2016, 2020 और 2024 में हुए ओलंपिक गेम्स के अलावा साल 2018 और 2023 के हॉकी वर्ल्ड कप में कोच की जिम्मेदारी को संभाला है। इसके अलावा सोयेज छह यूरोपीय चैंपियनशिप साल 2013, 2015, 2017, 2019, 2021 और 2023 में भी कोच रहे हैं।
हमारा ध्यान साल 2036 ओलंपिक गेम्स
फ्रेडरिक सोयेज को भारतीय जूनियर हॉकी टीम का नया हेड कोच बनाए जाने को लेकर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय खिलाड़ी दिलीप टिर्की ने अपने खुशी को व्यक्त करते हुए कहा कि सोयेज के पास इंटरनेशनल लेवल का काफी अनुभव हासिल है जिसका भारतीय हॉकी फायदा मिलेगा। हम 2036 के ओलंपिक गेम्स को ध्यान में रखकर एक बड़े विजन के लिए तैयारी कर रहे हैं औप उसमें सोयेज काफी अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। हमारा ध्यान सिर्फ अभी मिलने वाले परिणामों पर नहीं बल्कि खिलाड़ियों का एक ऐसा पूल तैयार करने पर है जिससे जूनियर और सीनियर स्तर तक एक समान देखने को मिले।



