Bihar

प्यार, शादी और फिर इनकार… कोर्ट परिसर में प्रेमी का कॉलर पकड़ रो पड़ी महिला, बोली- मेरे बच्चों को अपनाओ

बिहार के भागलपुर सिविल कोर्ट परिसर आज यानी गुरुवार को हाईवोल्टेज ड्रामे का गवाह बना. कोर्ट में परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मदीना खातून नाम की महिला ने सरेआम अपने प्रेमी विकास साह की कॉलर पकड़ ली और रोते हुए अपने हक की मांग करने लगी. महिला का आरोप है कि विकास ने उससे प्रेम विवाह किया, कई साल तक पतिपत्नी की तरह साथ रहा, लेकिन अब उसे और उसके दो बच्चों को अपनाने से इनकार कर रहा है.

प्यार, शादी और फिर इनकार… कोर्ट परिसर में प्रेमी का कॉलर पकड़ रो पड़ी महिला, बोली- मेरे बच्चों को अपनाओ
प्यार, शादी और फिर इनकार… कोर्ट परिसर में प्रेमी का कॉलर पकड़ रो पड़ी महिला, बोली- मेरे बच्चों को अपनाओ

मदीना के अनुसार, दोनों के बीच बचपन से प्रेम संबंध था. हालांकि, परिवार के दबाव में साल 2016 में उसकी शादी किसी और से कर दी गई. महिला का दावा है कि विकास ने उसे पहली शादी तोड़ने के लिए उकसाया और बाद में अपने साथ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ले गया. वहां दोनों पतिपत्नी की तरह रहे और इसी दौरान उनके बेटे का जन्म हुआ. बाद में वे भागलपुर लौटे, जहां विकास के घर में रहते हुए उनकी एक बेटी भी हुई.

विकास ने आरोपों को झूठा बताया

महिला का आरोप है कि शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन समय बीतने के साथ विकास और उसके परिवार का व्यवहार बदल गया. मदीना का कहना है कि उससे दो लाख रुपये और जमीन की मांग की जाने लगी. मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर से निकालने की कोशिश की गई. वहीं, विकास साह ने कोर्ट परिसर में सभी आरोपों को झूठा बताया. उसने कहा कि मदीना पहले से शादीशुदा है और उसे कानूनी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है.

कोर्ट परिसर में रोती रही महिला

विकास ने बच्चों को अपना मानने से भी इनकार कर दिया. उसका कहना है कि महिला ने जबरन उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए हैं. गुरुवार को जैसे ही विकास कोर्ट पहुंचा, मदीना ने उसे पकड़ लिया और भागने नहीं दिया. कोर्ट परिसर में काफी देर तक दोनों के बीच बहस और हंगामा चलता रहा. मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि महिला रोरोकर अपने साथ हुए कथित धोखे की कहानी सुनाती रही.

फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है. मेंटेनेंस केस में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विकास से पूछा कि क्या वह मदीना और बच्चों को अपने साथ रखने को तैयार है. इस पर विकास ने सोचने के लिए समय मांगा. अदालत ने उसे 10 दिनों की मोहलत दी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

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