
रोजमर्रा की भागदौड़ और अनियमित खानपान के बीच पेट की समस्याएं और आंखों की थकान आजकल एक आम परेशानी बन चुकी है। ऐसे में हमारी रसोई में पाई जाने वाली साधारण सी कद्दू (Sitaphal) की सब्जी शरीर के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होती। विटामिन-A, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कद्दू न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है, बल्कि आंखों की रोशनी और ओवर ऑल हेल्थ को दुरुस्त रखने में भी मददगार माना जाता है।
रजिस्टर्ड डाइटिशियन लॉरेन स्लेटन , MS, RD, For Trainers की संस्थापक ने बताया कद्दू को अक्सर सिर्फ सब्जी या मौसमी फल के तौर पर देखा जाता है, लेकिन पोषण के लिहाज से यह काफी उपयोगी फूड है। कद्दू में कैलोरी कम होती है और यह बीटा-कैरोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार इसे डाइट में शामिल करने से आंखों की रोशनी दुरुस्त रहती है, पाचन तंत्र ठीक से काम करता है और दिल की सेहत में भी सुधार होता है।
कद्दू में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
कद्दू में विटामिन A प्रमुख पोषक तत्वों में से एक है। एक कप कद्दू से रोजाना की जरूरत का लगभग 78 प्रतिशत विटामिन A मिल सकता है। कद्दू बीटा-कैरोटीन का भी अच्छा स्रोत है। इसकी मात्रा कद्दू के कच्चे, पके या कैन्ड होने के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक कैन्ड कद्दू में बीटा-कैरोटीन की मात्रा अधिक हो सकती है। इसके अलावा कद्दू में थोड़ी मात्रा में विटामिन C, विटामिन E, पोटैशियम और कॉपर भी पाए जाते हैं। लगभग एक कप कैन्ड कद्दू में करीब 49 कैलोरी, 3 ग्राम फाइबर, 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 2 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें फैट की मात्रा बहुत कम होती है।
आंखों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है कद्दू?
कद्दू में मौजूद विटामिन A और कैरोटीनॉयड आंखों की सेहत को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होता है। इसमें पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन A में बदल सकता है, जो सामान्य दृष्टि और आंखों की हेल्थ के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। उम्र बढ़ने के साथ आंखों को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त पोषक तत्वों वाली डाइट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पाचन और आंतों के लिए उपयोगी है फाइबर
कद्दू में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है। पर्याप्त फाइबर का सेवन मल त्याग को नियमित रखने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। फाइबर आंतों में मौजूद माइक्रोबायोटा के लिए भी उपयोगी होता है। यही वजह है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट का हिस्सा माना जाता है।
इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है कद्दू
कद्दू में मौजूद विटामिन A और विटामिन C शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट करने वाला पोषक तत्व हैं। इसके अलावा इसमें कैरोटीनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी पाए जाते हैं। कद्दू की सब्जी का सेवन सब्जी,भुजिया,जूस और हलवा बनाकर करें तो बॉडी को फायदा होगा।
हार्ट हेल्थ के लिए भी है उपयोगी
कद्दू में पोटैशियम पाया जाता है, जो शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जरूरी खनिज है। यह सामान्य मांसपेशियों के कामकाज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए संतुलित आहार में पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना दिल की हेल्थ के लिए उपयोगी हो सकता है।
वजन और भूख को मैनेज करने में है मददगार
कद्दू में कैलोरी अपेक्षाकृत कम और भरपूर फाइबर मौजूद होता है। फाइबर की वजह से भोजन के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार खाने या स्नैकिंग की इच्छा कम करने में मदद मिल सकती है। कद्दू का सेवन बैलेंस डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
कद्दू खाने का सही तरीका क्या है?
कद्दू में मौजूद बीटा-कैरोटीन फैट-सॉल्युबल होता है। इसे थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थों के साथ खाने से शरीर में इसके अवशोषण में मदद मिल सकती है। इसके लिए कद्दू को ऑलिव ऑयल, एवोकाडो या नट्स जैसे खाद्य पदार्थों के साथ खाया जा सकता है। कद्दू को दाल या बीन्स जैसी चीजों के साथ भी पकाया जा सकता है। इससे एक ही डिश में अलग-अलग पोषक तत्व शामिल हो जाते हैं।
कैंड कद्दू या ताजा कद्दू, कौन बेहतर?
कैन्ड कद्दू और घर पर पकाए गए ताजा कद्दू में पोषण का अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता। हालांकि, दोनों के स्वाद, टेक्सचर और इस्तेमाल में अंतर हो सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक हर जगह ताजा कद्दू आसानी से उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में 100 प्रतिशत कद्दू से बना, बिना अतिरिक्त चीनी या अन्य अनावश्यक सामग्री वाला कैन्ड pumpkin puree एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और साल भर अलग-अलग व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लें।



