CricketIndiaTrending

IPL की 2008 में कैसे हुई थी शुरुआत? BCCI ने पहले किया नजरअंदाज, फिर एक घटना से बदल गया टी20 क्रिकेट का भविष्य

इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। मौजूदा समय में जारी है। पिछले 18 साल में आईपीएल ने इतना नाम कमाया है कि इसकी तर्ज पर दुनियाभर में टी20 लीग शुरू हो चुकी हैं। आज आईपीएल का यह कद है कि यह दुनियाभर की सबसे बड़ी टी20 लीग है। मगर क्या आपको इसका इतिहास पता है। आज जिस लीग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तिजोरियां भर दी हैं एक वक्त उस लीग को भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने नजरअंदाज कर दिया था। इसके बाद एक घटना ने भारत ही नहीं पूरी दुनिया में टी20 क्रिकेट के भविष्य को बदल दिया।

IPL की 2008 में कैसे हुई थी शुरुआत? BCCI ने पहले किया नजरअंदाज, फिर एक घटना से बदल गया टी20 क्रिकेट का भविष्य
IPL की 2008 में कैसे हुई थी शुरुआत? BCCI ने पहले किया नजरअंदाज, फिर एक घटना से बदल गया टी20 क्रिकेट का भविष्य

BCCI के अंदर पैदा हुए डर से शुरू हुआ आईपीएल

टी20 क्रिकेट की जब शुरुआत हुई उस वक्त भारतीय बोर्ड इसके पक्ष में नहीं था। उस वक्त भारतीय टीम बहुत ज्यादा टी20 क्रिकेट खेलती भी नहीं थी। टी20 क्रिकेट के पहले विश्व कप तक भारत सबसे कम टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली टीमों में से एक थी। भारतीय बोर्ड ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी टीम बेमन ही भेजी थी। उसमें कई बड़े खिलाड़ी नहीं थे। मगर जैसेजैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा और फिर भारत के चैंपियन बनते ही इस प्रारूप की प्रतिष्ठा बढ़ने लगी।

दरअसल आईपीएल की शुरुआत बीसीसीआई के अंदर पैदा हुए एक डर के चलते हुई थी। बोर्ड को 200708 में लगने लगा था कि बोर्ड की प्रतिष्ठा घट जाएगी। क्योंकि उस वक्त टी20 क्रिकेट चरम पर पहुंच रहा था और 2007 में भारत के टी20 चैंपियन बनने के साथ ही इसकी तस्वीर भी बदलने लगी थी। उसी वक्त भारत में एक टी20 लीग जारी थी, जिसका नाम था इंडियन क्रिकेट लीग । इस लीग में एक से बढ़कर एक धाकड़ क्रिकेटर खेलते थे। सुभाष चंद्रा के एसेल ग्रुप ने इस लीग की शुरुआत करवाई थी।

आईएसएल एक सिटी बेस्ड फ्रेंचाइजी वाला टूर्नामेंट था। दुनियाभर के कई धाकड़ खिलाड़ी इसमें शामिल हुए। फिर 1983 के वर्ल्ड कप विनर कप्तान कपिल देव को इसका डायरेक्टर बना दिया गया। यहां से के अंदर डर पैदा हुआ। बोर्ड को लगने लगा कि इस लीग के बढ़ते कद से बीसीसीआई का कद छोटा हो सकता है। इस डर ने शरद पवार की अध्यक्षता वाले तत्कालीन भारतीय क्रिकेट बोर्ड को सोचने पर मजबूर किया और फिर ललित मोदी के साथ चर्चा हुई इंडियन प्रीमियर लीग के फॉर्मेट पर।

कैसे सामने आया फ्रेंचाइजी और ऑक्शन मॉडल?

आईपीएल का प्लान बनना शुरू हो चुका था और बोर्ड के अधिकारियों के मन में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर कैसे पैसा आएगा। टीमों पर पैसा कौन लगाएगा। खिलाड़ी कैसे टीम में आंगे। इसके बाद बोर्ड ने टी20 क्रिकेट के बढ़ते कद को अपना हथियार बनाया। संयोग कुछ ऐसा बना कि भारतीय टीम ताजाताजा समय में ही विश्व चैंपियन बनी थी। लोग टी20 क्रिकेट को पसंद करना शुरू कर चुके थे। इसके बाद बोर्ड और बड़ेबड़े उद्योगपतियों को भी टी20 क्रिकेट में भविष्य दिखने लगा।

फिर बोर्ड ने टीमें खरीदने के लिए टेंडर जारी किए और खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए ऑक्शन की योजना बनाई। उसके बाद आईपीएल टीमों के अधिकार रिलायंस इंडस्ट्रीज, विजय माल्या, प्रीति जिंटा, शाहरुख खान जैसी बड़ी हस्तियों ने खरीदे। इस तरह आईपीएल में ग्लैमर की भी एंट्री हुई। उस वक्त भारतीय टीम की भी इंटरनेशनल लेवल पर प्रतिष्ठा बढ़ चुकी थी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर सीबी सीरीज जीती। इससे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टेक्स और हाई हो गए। फिर बड़ेबड़े ब्रॉन्ड्स ने भारतीय क्रिकेट में इनवेस्ट करने का मन बनाया। उसी समय आयोजित हुए आईपीएल के पहले सीजन के ऑक्शन।

फिर दुश्मन बन गए दोस्त

इसके बाद आईपीएल में दुश्मन दोस्त बन गए। शोएब अख्तर और सौरव गांगुली एक टीम में थे। शाहिद अफरीदी और वीवीएस लक्ष्मण को एकसाथ खेलते देखा गया। सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या की ओपनिंग जोड़ी की चर्चा होने लगी। इस तरह आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की एंट्री हुई। इंटरनेशनल क्रिकेट में मंकीगेट जैसी घटनाओं को बुलाकर आईपीएल में सभी विदेशी खिलाड़ी साथसाथ खेलते थे। कई अपने देश के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते थे। इस तरह शुरू हुई आईपीएल का पहला सीजन जो ब्रेंडन मैकुल्लम की पहले मैच में पहली पारी से ही उफान पर था।

18 अप्रैल 2008 की ऐतिहासिक तारीख

18 अप्रैल 2008, बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम और आमनेसामने थीं कोलकाता नाइट राइडर्स और की टीमें। दोनों के बीच आईपीएल इतिहास का पहला मैच हुआ। इस मैच में न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुल्लम ने 73 गेंद में 10 चौकों और 12 छक्कों से नाबाद 158 रन कूटते हुए इस लीग का ऐसा आगाज किया कि फिर आज 19वां सीजन जारी है दिन पर दिन इसकी पॉपुलरिटी बढ़ती ही जा रही है।

इसमें 30 गेंद पर शतक भी आया, 13 गेंद पर पचासा हुआ, 49 पर टीम सिमटी, 280 से ऊपर रन भी बने और 175 रन का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया गया। इस लीग ने कई उतारचढ़ाव भी देखे लेकिन फिर भी इसका परचम झुका नहीं लेकिन दिन पर दिन इसकी प्रतिष्ठा बढ़ती गई। अब खबरें हैं कि 2028 से इसके कुल मैच 94 तक भी बढ़ सकते हैं। अभी यह लीग 74 मैचों की है।

IPL 2026 के बाद यह 3 खिलाड़ी भारत के लिए डेब्यू के दावेदार, वैभव सूर्यवंशी से भी आगे है एक खिलाड़ी

आईपीएल 2026 के बाद तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जो भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी का नाम लगातार सुर्खियों में है, वहीं दो ऐसे गेंदबाज भी हैं जो टीम इंडिया में जल्द एंट्री करने के दावेदार हैं।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply