Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन अभी भी जारी हैं. तकरीबन 200 प्रदर्शनकारी अब भी वहां बैठे हैं. जंतरमंतर और संसद मार्ग पर CJP के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी बहस हुई. कर्फ्यू का उल्लंघन कर संसद की ओर बढ़ने पर जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका तो उसके बाद हिंसा, पत्थरबाजी और बसों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. पुलिस ने 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. अब दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगा रही है तो प्रदर्शकारी भी उसका जवाब दे रहे हैं. आइए आपको बताते हैं दिल्ली पुलिस के आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच प्रदर्शनकारियों के जवाब…

हिंसा में घायल हुए सभी लोगों, जिनमें प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं उनके बयान दर्ज किए जाएंगे. पुलिस इनके मोबाइल और कॉल डिटेल्स भी खंगाल रही है. पुलिस यह भी जांच करेगी कि हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारी किसी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आपस में जुड़े थे या नहीं. जांच एजेंसियों का शुरुआती मानना है कि हिंसा पहले से सोचीसमझी साजिश का हिस्सा थी और पुलिसकर्मियों पर हमला जानबूझकर किया गया. हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ अगर जांच में सबूत मिलते हैं, तो उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस इन बिंदुओं पर कर रही है जांच…
1. प्रदर्शन के दौरान सबसे पहले बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत किसने की? पुलिस के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है क्योंकि इस प्रोटेस्ट में छात्रों के अलावा ड्राइवर से लेकर अन्य पेशे के लोग भी शामिल थे.. पुलिस को शक है कि छात्रों के इस प्रोटेस्ट को हाईजैक किया गया.. बैरिकेड तोड़कर छात्रों को उकसाया गया.
2. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच, ताकि यह पता चल सके कि वीडियो एडिटेड या भ्रामक तो नहीं हैं.
3. प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान, सीसीटीवी, ड्रोन और पुलिस बॉडी कैमरा फुटेज का विश्लेषण.
4. क्या किसी संगठन या बाहरी तत्व ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने की कोशिश की. घटनास्थल से मिले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान.
प्रदर्शनकारियों से बहस को लेकर दिल्ली पुलिस का कहना है, ‘सोशल मीडिया पर गीतांजलि नाम की 12 साल की लड़की के साथ मारपीट, बाल खींचने और सिर में चोट लगने, और साथ ही लगभग 40 से 50 अन्य लोगों के सिर फूटने के दावों वाली पोस्ट के जरिए गलत जानकारी फैलाई जा रही है. यह जानकारी गलत है. पोस्ट में किए जा रहे दावे सच नहीं हैं.’
क्या है प्रदर्शनकारियों अहम मांगे?
जंतरमंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों की 3 अहम मांगे हैं, जब तक ये मांगे पूरी नहीं की जाती हैं तब तक धरना प्रदर्शन बंद नहीं किया जाएगा.
सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिलीज किया जाये.
प्रदर्शनकारियों का कहना हैं कि उनके द्वारा कोई हिंसा कल नहीं की गई थी बल्कि पुलिस पर हिंसा का आरोप लगा रहे हैं. वहीं दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शनकारियों को लेकर कनॉट प्लेस थाने में FIR दर्ज की है. ये FIR इन मामलों में दर्ज की गई है.
कनॉट प्लेस में हुए बवाल मामले में दर्ज हुई FIR
दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR. दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास पुलिस की गाड़ियों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की थी पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की थी.


