
नई दिल्ली: राशन कार्ड धारकों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में एक अहम बदलाव किया गया है। अब राशन की दुकान पर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में भी पात्र लाभार्थी को राशन लेने में परेशानी नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने की सुविधा शुरू की गई है।
बताया गया है कि यह सुविधा 1 अक्टूबर से ePDS व्यवस्था में लागू की गई है। इसका मकसद उन लाभार्थियों को वैकल्पिक सत्यापन सुविधा देना है, जिनका फिंगरप्रिंट किसी वजह से मशीन में दर्ज नहीं हो पाता।
फिंगरप्रिंट नहीं मिला तो चेहरे से होगा वेरिफिकेशन
अब तक राशन लेने के लिए लाभार्थी को राशन दुकान पर मौजूद e-POS मशीन में अंगूठे या उंगली का निशान लगाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ता था। लेकिन कई बार तकनीकी समस्या, नेटवर्क की दिक्कत या फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं होने के कारण सत्यापन पूरा नहीं हो पाता था।
नई व्यवस्था में ऐसी स्थिति आने पर e-POS मशीन के कैमरे की मदद से लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन किया जा सकेगा। इसके बाद आधार डेटाबेस में उपलब्ध जानकारी से पहचान का मिलान किया जाएगा। पहचान और पात्रता की पुष्टि होने पर लाभार्थी को राशन दिया जा सकेगा।
बुजुर्ग और मजदूरों को हो सकती है ज्यादा सुविधा
फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके फिंगरप्रिंट मशीन में आसानी से स्कैन नहीं हो पाते।
उम्र बढ़ने के साथ कई बुजुर्गों के उंगलियों के निशान हल्के पड़ सकते हैं। इसी तरह लगातार मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के हाथों की त्वचा में बदलाव के कारण भी कभी-कभी फिंगरप्रिंट स्कैन करने में परेशानी आती है।
ऐसे मामलों में चेहरे के जरिए पहचान होने पर राशन वितरण की प्रक्रिया को पूरा करने का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।
हर राशन दुकान पर तुरंत सुविधा मिलना जरूरी नहीं
फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा के लिए राशन दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली e-POS मशीनों और संबंधित सॉफ्टवेयर में जरूरी तकनीकी अपडेट किए जा रहे हैं।
इसलिए यह सुविधा उन्हीं राशन दुकानों पर उपलब्ध होगी, जहां मशीन में कैमरा और संबंधित सिस्टम अपडेट सक्रिय हो चुका है। लाभार्थियों को अपने क्षेत्र की राशन दुकान पर उपलब्ध सुविधा की जानकारी लेनी पड़ सकती है।
क्या है ePDS?
ePDS यानी Electronic Public Distribution System राशन वितरण व्यवस्था का डिजिटल सिस्टम है। इसके जरिए राशन कार्ड धारकों और लाभार्थियों से संबंधित जानकारी, पहचान सत्यापन और खाद्यान्न वितरण जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाता है।
फेस ऑथेंटिकेशन इसी व्यवस्था में जोड़ा गया एक वैकल्पिक पहचान माध्यम है। इसका उद्देश्य फिंगरप्रिंट से सत्यापन नहीं हो पाने की स्थिति में पात्र लाभार्थियों के लिए राशन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

