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CEO ने कहा: ‘मालिक की तरह सोचो’, Gen Z कर्मचारी ने दिया ऐसा जवाब, उड़ गए होश!

CEO ने कहा: ‘मालिक की तरह सोचो’, Gen Z कर्मचारी ने दिया ऐसा जवाब, उड़ गए होश!

एक Gen Z कर्मचारी ने CEO के ‘मालिक की तरह सोचो’ वाले ताने का ऐसा करारा जवाब दिया कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. पढ़ें पूरी वायरल खबर.

आजकल के दौर में ऑफिस और काम को लेकर जनरेशन जेड (Gen Z) का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही दिलचस्प कहानी तेजी से वायरल हो रही है, जहां एक CEO ने अपने एम्प्लॉयी से कहा कि ‘अगर आगे बढ़ना है तो मालिक की तरह सोचो.’ लेकिन इस बात पर Gen Z कर्मचारी ने जो जवाब दिया, उसने अच्छे-अच्छों की बोलती बंद कर दी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों इस पर नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए हैं.

9 से 5 की नौकरी और मालिक जैसी सोच

यह पूरा मामला X (पहले ट्विटर) पर @Mario_Sneh हैंडल से मारियो पीटी नाम के यूजर ने शेयर किया है. वायरल पोस्ट के अनुसार, कंपनी का एक Gen Z कर्मचारी अपनी शिफ्ट के प्रति बेहद अनुशासित था. वह रोजाना समय पर सुबह ऑफिस पहुंचता था और ठीक शाम को 5 बजते ही अपना बैग समेट कर निकल पड़ता था. वह ऑफिस के तय समय से एक मिनट भी ज्यादा नहीं रुकता था.

इस बात से परेशान होकर कंपनी के CEO ने उसे अपने केबिन में बुलाया और समझाया कि यदि उसे अपने करियर में तेजी से तरक्की करनी है, तो उसे एक आम कर्मचारी की तरह सोचना बंद करना होगा और ‘मालिक की तरह सोचना’ शुरू करना होगा. सीईओ का तर्क था कि असली मालिक कभी घड़ी नहीं देखते, बल्कि वे काम पूरा होने और कंपनी की सफलता की फिक्र करते हैं.

कर्मचारी ने पूछा- क्या 50% हिस्सेदारी देंगे?

सीईओ की इस बात पर Gen Z कर्मचारी ने बिना हिचकिचाए सीधा सवाल पूछ लिया. उसने कहा, अगर आप चाहते हैं कि मैं मालिक की तरह सोचूं, तो क्या आप मुझे कंपनी में 50% हिस्सेदारी देंगे? कर्मचारी ने कहा कि मालिक कंपनी में पैसा लगाते हैं, जोखिम उठाते हैं और मुनाफा होने पर पूरा फायदा भी लेते हैं. वहीं कर्मचारी ज्यादा मेहनत करने के बाद भी सिर्फ तय सैलरी ही पाते हैं.

ठीक 5 बजे घर निकला कर्मचारी

बातचीत के आखिर में सीईओ हंसने लगे और बोले कि उनका मतलब वैसा नहीं था. तभी कर्मचारी ने घड़ी में देखा, 4:59 बज रहे थे. उसने अपना काम समेटा, बैग पैक किया और चलने लगा. सीईओ ने पूछा कि कहां जा रहे हो, तो कर्मचारी ने साफ कहा- घर जा रहा हूं. मेरे कॉन्ट्रैक्ट में काम का समय शाम 5 बजे तक ही है. अगली सुबह वह फिर ठीक 9 बजे से पहले ऑफिस आ गया और अपना काम करने लगा.

वफादारी बनाम हक; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस वाकये को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है. लोग दो गुटों में बंट गए हैं. कई लोगों का कहना है कि जब कंपनी सिर्फ सैलरी देती है, तो कर्मचारियों पर मालिक जैसा दबाव डालना गलत है. एक यूजर ने लिखा, आप चाहते हैं कि कर्मचारी मालिक जितनी मेहनत करे, लेकिन सारा फायदा आप खुद रखना चाहते हैं. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत और जिम्मेदारी लेनी ही पड़ती है.

Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है.

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