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‘अगर भगवान के दरबार में चोरी, तो फिर सुरक्षित क्या’, राम मंदिर चोरी मामले पर चंद्रशेखर आजाद का तंज

MP Chandrashekhar Azad targeted Ram Temple Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा बयान दिया है। हरिद्वार पहुंचे सांसद ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि भगवान के दरबार में भी चोरी और डकैती जैसी घटनाएं हो रही हैं, तो फिर देश में सबसे सुरक्षित जगह कौन सी मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां लोग चोरी करने से भी नहीं डरते, वहां सच्चाई और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

‘अगर भगवान के दरबार में चोरी, तो फिर सुरक्षित क्या’, राम मंदिर चोरी मामले पर चंद्रशेखर आजाद का तंज
‘अगर भगवान के दरबार में चोरी, तो फिर सुरक्षित क्या’, राम मंदिर चोरी मामले पर चंद्रशेखर आजाद का तंज

इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने उत्तराखंड में एक दलित युवक की हत्या के मामले को भी उठाया। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद को हरिद्वार में पुलिस द्वारा रोके जाने का दावा किया गया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों को संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। सांसद ने आरोप लगाया कि समाज में डर और जातिगत भेदभाव का माहौल खत्म होना चाहिए। उन्होंने दलित युवक केतन लाल की हत्या को संविधान, समानता और मानवता पर हमला करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले चंद्रशेखर

हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जहां लोग चोरी करने से भी नहीं डरते, वहां सच्चाई कहां है। अगर वहां भी डकैती हो रही है तो और कौन सी जगह सुरक्षित मानी जा सकती है। अगर भगवान के दर पर हो रही है, तो आप ही बताइए सबसे सुरक्षित जगह कौन सी है।

दलित युवक के परिजनों से मिलने जा रहे थे सांसद

दूसरी ओर, एक दलित युवक की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को हरिद्वार में ही पुलिस ने रोक लिया। सांसद के समर्थकों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें जाने से रोका। सांसद ने इस पूरे मामले पर कहा कि इस घटना से हमारे लोगों को काफी तकलीफ है।

परिवार ने हमें अपनी आवाज बनने के लिए बुलाया है और हम शांति से मिलने के लिए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह का डर का माहौल है, वह खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस देश में सभी को संवैधानिक तरीके से विरोध जताने का अधिकार है।

केतन लाल हत्याकांड को बताया मानवता पर हमला

बता दें कि हाल ही में सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पोस्ट में केतन लाल की हत्या के बारे में कहा था कि उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या पूरे देश और समाज के लिए शर्म और चिंता का विषय है।

परिजनों ने लगाया आरोप

परिजनों के अनुसार, केतन को के कारण सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठीडंडों तथा बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया।

प्रेमिका के सामने ही उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसकी मृत्यु हो गई। हत्यारोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे अंदाज में कहा, “अपने बेटे को यहां से उठाकर ले जाओ।” यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।

जातिवादी मानसिकता समाज के लिए खतरा

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद इसी क्रम मे आगे लिखा कि आज भी यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

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