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करियर में बार-बार मिल रही असफलता? प्रमोशन और पसंदीदा नौकरी के लिए करें ये उपाय..

करियर में बार-बार मिल रही असफलता? प्रमोशन और पसंदीदा नौकरी के लिए करें ये उपाय..

ज्‍योतिष शास्‍त्र में कई ऐसे उपायों के बारे में बताया गया है जो जिंदगी को आसान बन सकते हैं, सपनों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं. यदि आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्‍हें लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिला है या मनपसंद नौकरी नहीं मिल पा रही है तो आप भी ये उपाय आजमा कर देख सकते हैं.

ज्‍योतिष के अनुसार, प्रमोशन-तरक्‍की या नई नौकरी पाने में आ रही रुकावटों के पीछे कुंडली के ग्रह भी जिम्‍मेदार हो सकते हैं. ऐसे में समय रहते इन ग्रहों को शांत या मजबूत करने के उपाय कर लें. ताकि आप ऐसी जॉब या पद पा सकें जो आपकी सारी जरूरतों को पूरा कर सके.

प्रमोशन पाने के उपाय

शनि पूजा – अगर आपको कड़ी मेहनत और ईमानदारी से काम करने के बाद भी प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है तो आप हर शनिवार को शनि मंदिर जाकर पूजा अर्चना करें. शनि देव के पैर के अंगूठे पर सरसों का तेल अर्पित करें. इस दौरान शनि मंत्र का जाप करते रहें. ध्‍यान रहे कि ये उपाय करते समय शनि देव की मूर्ति के ठीक सामने न खड़े हों. ताकि उनकी नजर आप पर न पड़े. यदि शनि देव शिला रूप में हैं, तब सामने खड़े हो सकते हैं और शिला पर तेल चढ़ाएं. कुछ ही दिनों में प्रमोशन के योग बनने लगेंगे.

सूर्य को जल – यदि आत्‍मविश्‍वास में कमी है, आपके काम का क्रेडिट कोई और ले जा रहा है तो रोजाना सुबह स्‍नान करने के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं. जल में रोली, अक्षत (साबुत चावल के दाने) मिलाकर सूर्य मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्‍य दें. साथ ही गरीबों को दान दें.

राहु-केतु उपाय – ये दोनों पापी ग्रह भी व्‍यक्ति को तरक्‍की पाने में बाधाएं देते हैं. यदि कुंडली में राहु दोष या केतु दोष है तो नवग्रह अभिषेक करवाएं. इससे जॉब संबंधी समस्‍याएं दूर होने लगती हैं.

सूर्य यंत्र की पूजा – संभव हो सके तो रोजाना या हर रविवार को सूर्य यंत्र की पूजा करें. इसके लिए सुबह स्नान करने के बाद सूर्य यंत्र को साफ लाल कपड़े पर रखें. इसके बाद उस पर लाल फूल और चंदन अर्पित करें. फिर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का सच्चे मन से कम से कम 108 बार जप करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह उपाय करियर में तेजी से सफलता के योग बनाता है.

(Disclaimer- यह उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है.  इसे अंधविश्वास के रूप में न लें. इसका उद्देश्य सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाना है. परिणाम व्यक्ति की मेहनत, परिस्थितियों और भाग्य पर निर्भर करते हैं. )

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